
आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की आयुष विहार कॉलोनी में शुक्रवार को पुलिस की कार्रवाई पर हंगामे के दौरान एक गर्भवती महिला संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिर गई। परिजनों का आरोप है कि गर्भवती को फेंका गया। महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस यहां कब्जा दिलाने पहुंची थी। इस घटना से पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
खबरों के मुताबिक, आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे एक मकान पर कब्जा दिलाने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घर में तांडव मचाया। गाली-गलौज के साथ जमकर अभद्रता की। पुलिस जब घर में मौजूद थी, तभी एक महिला छत से गिर गई। इसके बाद पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने गर्भवती को धक्का देकर गिराया। घायल महिला का निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस अब मामले की लीपापोती पर जुटी है।
ट्रांस यमुना क्षेत्र के आयुष विहार निवासी प्रेमलता पत्नी शिशुपाल का कहना है कि उसका मकान को लेकर बबली देवी से विवाद चल रहा है। एक वर्ष पहले उन्होंने अपना मकान बबली को बेचा था। 1.11 लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसके बाद 7.70 लाख रुपये देने का वादा हुआ, लेकिन ये रुपये नहीं दिए गए। इसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
प्रेमलता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों को लेकर बबली आई थी। घर पर केवल बहू थी, उसने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस पड़ोसी के छत से उनके घर में घुस आई। बहू ने रोकने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने जोर जबदस्ती की। इसी दरम्यान पुलिस के धक्के से बहू छत से नीचे गिर गई। उसके काफी चोटें आई हैं। जब वे लोग बहू से मिलने गए तो पुलिस ने अस्पताल में मिलने नहीं दिया।
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