
आगरा। दुर्घटनाओं में जब हर तरफ से उम्मीदें टूट जाती हैं, तब समर्पित चिकित्सा और डॉक्टरों की लगन किसी चमत्कार से कम नहीं होती। शनिवार को दिल्ली गेट स्थित शांति मधुबन प्लाजा के एलीट हेल्थ केयर पर हुए जनजागरूकता कार्यक्रम में ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिला, जहां सड़क हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके युवक के पैर को जटिलतम सर्जरी और निरंतर इलाज के बाद बचा लिया गया।
जगनेर के सरेंधी गांव निवासी 27 वर्षीय सत्य प्रकाश ने बताया कि नवंबर 2024 में हुए एक सड़क हादसे में उसका दायां पैर बुरी तरह कुचल गया था। मांसपेशियां और चमड़ी लगभग नष्ट हो चुकी थीं, हड्डियां बाहर निकल आई थीं। देश के तीन शहरों धौलपुर, अलीगढ़ और आगरा के डॉक्टरों ने पैर काटने की सलाह दी थी।
बकौल सत्य प्रकाश, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विजय गुप्ता ने पैर बचाने का भरोसा दिलाया। नवंबर में पहली सर्जरी की गई, लेकिन तब तक संक्रमण इतना बढ़ चुका था कि मरीज को रक्त संक्रमण हो गया और हालत नाजुक हो गई। आईसीयू एक्सपर्ट डॉ. पायल सक्सेना ने गंभीर स्थिति में आए मरीज को तीन बार रक्त संक्रमण से बाहर निकाला। नौ महीनों में डॉ. विजय गुप्ता ने आठ बार घाव की सफाई और तीन बड़ी सर्जरी कर सत्य प्रकाश के पैर को न सिर्फ बचाया बल्कि उसे फिर से चलने लायक बना दिया।
कार्यक्रम में मंच पर खड़े होकर सत्य प्रकाश ने भावुक स्वर में कहा- आप दोनों डॉक्टरों ने न सिर्फ मेरा पैर बचाया बल्कि मुझे एक बेटे, पति और पिता की तरह जीने का नया अवसर दिया। डॉ. विजय गुप्ता पिछले 17 वर्षों से जटिलतम मामलों में सफलता की मिसाल बनते आ रहे हैं।
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