आगरा: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र से एक राहत भरी खबर सामने आई है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पीड़ित की जागरूकता के चलते साइबर ठगों द्वारा उड़ाए गए 60 हजार रुपये सुरक्षित वापस मिल गए हैं। यह सफलता समय पर की गई शिकायत और पुलिस के प्रभावी समन्वय का परिणाम है।
बातों में उलझाकर की थी ठगी
घटना पिछले वर्ष 13 सितंबर की है, जब खेरागढ़ के ग्राम रसूलपुर निवासी रामकुमार को एक अज्ञात कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए दावा किया कि गलती से रामकुमार के खाते में 60 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। ठग ने रामकुमार को अपनी बातों के जाल में फंसाया और झांसा देकर उनके खाते से 60 हजार रुपये उड़ा लिए।
खेरागढ़ पुलिस का ‘चित्तूर’ कनेक्शन
ठगी का अहसास होते ही रामकुमार ने बिना देरी किए थाना खेरागढ़ में सूचना दी। थाना प्रभारी मदन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि रकम आंध्र प्रदेश की चित्तूर बैंक शाखा में ट्रांसफर हुई है। पुलिस ने तुरंत बैंक से संपर्क कर धनराशि को होल्ड (Freeze) करा दिया।
न्यायालय के आदेश के बाद खाते में लौटी रकम
होल्ड की गई राशि को वापस पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त करने के बाद, बैंक के नोडल अधिकारी के माध्यम से सोमवार को पूरी धनराशि पीड़ित रामकुमार के खाते में वापस क्रेडिट कर दी गई। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक बृज गोपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर तरुण गौड़ की विशेष भूमिका रही।
पुलिस की अपील: ‘गोल्डन ऑवर’ में करें शिकायत
थाना प्रभारी मदन सिंह ने जनता से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर शुरुआती एक-दो घंटे (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि समय पर 1930 पर सूचना दी जाए, तो रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते से जुड़ी जानकारी साझा न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।
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