आगरा। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े 40 लाख रुपये की लूट की जो घटना सामने आई थी, उसकी सच्चाई सामने आने पर हर कोई दंग रह गया। जिस लूट की घटना ने पुलिस और इलाके के लोगों के बीच सनसनी फैला दी थी, वह चंद घंटों में ही महज एक मनगढ़ंत कहानी साबित हुई।
डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सर्राफ कारोबारी रामवीर पर करीब 60 लाख रुपये का कर्ज था और इसी आर्थिक दबाव से निजात पाने के लिए उसने लूट का यह पूरा ड्रामा रचा था।
दोपहर में पुलिस के उड़े थे होश, दी थी 40 लाख की सनसनीखेज सूचना
सादाबाद के रहने वाले सर्राफ कारोबारी रामवीर ने मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को फोन कर बताया कि दोपहर एक बजे खंदौली के बगल भूसा क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया और 40 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया है। कारोबारी के अनुसार, वह अपनी बाइक से आगरा के किनारी बाजार में चांदी खरीदने के लिए जा रहा था। रामवीर ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि बगल भूसा के पास बदमाशों ने अपनी बाइक से उसे ओवरटेक किया और लात मारकर गिरा दिया। इसके बाद बदमाशों ने तमंचे के बल पर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और वहां से भाग निकले।
21 लाख का लोन और 19 लाख बाजार की उधारी का रोया था रोना
पुलिस को गुमराह करने के लिए व्यापारी ने पैसों का पूरा हिसाब भी पेश किया। उसने बताया कि लूटी गई रकम में से 21 लाख रुपये उसने बैंक और अन्य स्रोतों से लोन के रूप में लिए थे, जबकि 19 लाख रुपये उसने दूसरे कारोबारियों से ले रखे थे। उसने दावा किया कि वह नियमित रूप से बाइक से ही खरीदारी के लिए आता है और इस बार भी वही रूट अपनाया था। सूचना मिलते ही खंदौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने स्वयं कमान संभाली और जांच शुरू की।
दो घंटे की देरी ने पुलिस के कान खड़े किए, बयानों ने गहराया शक
जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहला शक घटना के समय और सूचना देने के बीच के अंतराल पर हुआ। लूट की घटना दोपहर एक बजे की थी, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी दो घंटे बाद दी गई। पूछताछ के दौरान जब रामवीर ने बार-बार अपने बयान बदले, तो पुलिस का संदेह पक्का हो गया। डीसीपी के निर्देश पर तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं, जिन्हें उस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी कैमरों ने खोली हकीकत, बैग की बरामदगी से खुली पोल
पुलिस की पड़ताल में रामवीर का झूठ सीसीटीवी फुटेज से सामने आया। रामवीर ने पुलिस को बताया था कि वह अपने साथ दो बैग लेकर निकला था, लेकिन कैमरों में रिकॉर्ड फुटेज में केवल एक ही बैग दिखाई दिया। इसके बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो व्यापारी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि उस पर 60 लाख रुपये का भारी कर्ज है।
उसने माना कि लेनदारों के दबाव से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने वह बैग भी बरामद कर लिया है जिसमें नकदी होने का दावा किया गया था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस व्यक्ति से वह रुपये लेकर आने की बात कह रहा था, उसने वह रकम पहले ही कहीं और दे दी थी।
फर्जी सूचना देकर पुलिस को दौड़ाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की मदद से महज तीन घंटे के भीतर ही मामले का सच सामने आ गया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पुलिस को गुमराह करने और फर्जी लूट की सूचना देकर माहौल खराब करने वाले कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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