आगरा। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, यह एक बेटी के सपनों की निर्मम हत्या थी। सुनीता, जिसकी आंखों में एक नई ज़िंदगी की तलाश थी, जिसे ससुराल की प्रताड़ना से निकलकर थोड़ी राहत की उम्मीद थी, उसे उसी के पिता, पति और देवर ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। इसी के साथ आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में विगत दिवस युवती की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। तीनों आरोपी भी कानून के शिकंजे में आ चुके हैं।
घटना थाना खेरागढ़ क्षेत्र के भोपुर गांव की है, जहां 30 मई की रात एक युवती का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा लिया है और इसका सच सामने आते ही रूह कांप उठती है। मृतका की पहचान धौलपुर के बसई नवाब गांव के कोमल सिंह की पुत्री सुनीता के रूप में हुई थी, जिसकी शादी आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में बरबर गांव में पवन नामक युवक से 2010 हुई थी। इसी गांव में सुनीता की दो सगी बहनें भी ब्याही थीं।
डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा के मुताबिक, सुनीता को उसका पति अक्सर मारता-पीटता था। तंग आकर वह 29 मई को मायके लौट आई थी। ससुराल में इसी दौरान उसे अपने देवर विष्णु से लगाव हो गया, और वह उससे शादी करना चाहती थी। लेकिन यही बात उसकी मौत की वजह बन गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 मई की रात 11 बजे, सुनीता ने विष्णु को फोन कर कहा, मेरे पिता और पति मुझे मार देंगे, मुझे बचा लो। यह उसका आखिरी फोन कॉल था। इसके बाद उसका मोबाइल हमेशा के लिए बंद हो गया।
विष्णु उस वक्त आगरा में था। उसने तुरंत कॉल बैक किए, फिर सुनीता के घर भी पहुंचा, लेकिन वहां से उसे कुछ भी नहीं बताया गया। अगले दिन, जब सुनीता की बहन मायके पहुंची, तो मां ने फूट-फूट कर बताया कि पति पवन, कोमल सिंह (पिता) और जल सिंह (देवर) ने मिलकर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सुनीता ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था, लेकिन तीनों ने कमरे की खिड़की तोड़कर कमरे का दरवाज़ा खोल लिया और फिर उसी कमरे में पीट-पीटकर उसकी जान ले ली। सुनीता के मरने के बाद शव को बाइक पर ले जाकर भोपुर गांव में फेंक दिया। अपनी करतूत छिपाने के लिए कोमल सिंह ने पत्नी को भी धमकाया, अगर किसी को कुछ बताया, तो तू भी मारी जाएगी।
यह हत्या नहीं, पितृसत्ता, भय और सामाजिक बेड़ियों की एक दर्दनाक बानगी है। सुनीता की बहन पूजा भी पांच साल पहले पति को छोड़कर दूसरी शादी कर चुकी थी, और शायद अब सुनीता भी वही रास्ता अपना रही थी। लेकिन इस बार, परिवार ने ‘इज्जत’ के नाम पर उसकी सांसें छीन लीं।
चूंकि सुनीता की हत्या उसके मायके धौलपुर जिले के बसई नवाब में उसी के घर पर हुई थी, इसलिए आगरा पुलिस ने इस मामले का खुलासा तो कर दिया, लेकिन केस अब धौलपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। तीनों आरोपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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