आगरा: राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अंतर्गत नगरीय स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी पर टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से माता बैठक का आयोजन किया गया इसमें क्षेत्र की माताओं को बच्चों के टीकाकरण के फायदे के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें प्रेरित किया गया कि वह अपने शिशु का समय पर टीकाकरण कराएं। टीकाकरण ही बच्चों के स्वास्थ्य की कुंजी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण करने का प्रावधान है। यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए और उनके भविष्य के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे उन्हें 11 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है।
सीएमओ ने जनपद के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने शून्य से पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं और अपने पड़ोसियों व रिश्तेदारों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि हमारे जनपद में नियमित टीकाकरण, माइग्रेशन परिवारों और टीकाकरण से वंचित वैब (वैक्सीन अवॉइडेंस बिहैवियर) झिझक,उदासीन, प्रतिरोधी परिवारों को मोबिलाइज कर टीकाकरण कराने के लिए राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार और शनिवार को छाया एकीकृत ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) और यूएचएसएनडी सत्र का आयोजन किया जाता है। आयोजित सत्र स्थल पर प्रशिक्षित एएनएम और आशा कार्यकर्ता के द्वारा शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि माता बैठक का उद्देश्य समाज में टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में माताओं को बताया गया कि सही समय पर अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं एमसीपी। कार्ड को अपने साथ रखें और उसमें दी गई तारीख को देखकर अपने बच्चों का टीकाकरण कराएं। बैठक में टीकाकरण से होने वाले फायदे और टीकाकरण कराने के दौरान व टीकाकरण कराने के पश्चात होने वाली कुछ परेशानियों के बारे में भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण कराने के पश्चात मामूली बुखार जैसी समस्या हो सकती है जोकि संकेत है कि टीका अपना कार्य कर रहा है।
बैठक में प्रतिभाग करने के बाद नगला धनी निवासी 26 वर्षीय सुरमा ने बताया मैंने गर्भावस्था के दौरान समस्त जांच और टीकाकरण समय पर कराया इसके लिए मुझे यहां के स्टाफ और डॉक्टर साहब ने प्रेरित किया। मुझे माता बैठक में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। बैठक में काउंसलिंग के दौरान एएनएम सलमा ने बच्चे का टीकाकरण समय पर करना क्यों जरूरी है यह जानकारी दी और लाभ भी बताए। इस दौरान डॉक्टर साहब ने यह भी बताया टीकाकरण कराने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे बच्चे कम बीमार पड़ते हैं और बच्चे स्वस्थ रहते हैं जिससे उनका अच्छे से विकास होता है । सुरमा ने कहा कि मैं अपने बच्चे का टीकाकरण तय समय अनुसार ही कर आऊंगी l
यह प्रमुख टीके हैं जो बच्चों को दिए जाते हैं-
• जन्म पर बीसीजी (टीबी के खिलाफ), ओपीवी (पोलियो के खिलाफ),हेपेटाइटिस-बी (हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ)
• 6 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
• 10 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
• 14 सप्ताह पर ओपीवी (पोलियो के खिलाफ), पेंटावैलेंट (डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी, और हेपेटाइटिस-बी के खिलाफ), रोटावायरस वैक्सीन (रोटावायरस के खिलाफ), पीसीवी (न्यूमोकोकल के खिलाफ)
• 9-12 महीने पर खसरा और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीन, जापानी इंसेफेलाइटिस वैक्सीन, न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन
• 16-24 महीने पर एमएमआर वैक्सीन की दूसरी खुराक, वार्षिक इन्फ्लूएंजा वैक्सीन
यह टीके बच्चों को खतरनाक बीमारियों से बचाने में मदद करते है।
टीकाकरण के लाभ-
– बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाव
– गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए तैयारी
– समाज में बीमारियों को फैलने से रोकथाम
– टीकाकरण के लिए हमारी जिम्मेदारी:
– गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें
– टीकाकरण केंद्रों पर जाने में मदद करें
– समाज में टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं
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