आगरा: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के जवानों द्वारा टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता चला जा रहा है। इस मामले को लेकर आगरा कैंट स्टेशन पर आगरा रेल मंडल के व आगरा कैंट स्टेशन के टिकट चेकिंग स्टाफ ने आगरा कैंट स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया। सभी टिकट चेकिंग स्टाफ हाथों पर काली पट्टी बंधकर एकत्रित हुए और नारेबाजी कर इस घटना के प्रति आक्रोश जताया। टिकट निरीक्षकों का कहना है कि कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के जवानों ने उन्हें इसलिए पीटा क्योंकि उन्हें प्रयागराज जाने वाली सुपरफास्ट ट्रेन के एसी कोच में जाने से रोका।
इस माहौल में कैसे करेंगे ड्यूटी
प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी हैं। ट्रेनों में लगातार जीआरपी आरपीएफ, सिविल पुलिस कर्मी बिना टिकट यात्रा के मिलते हैं। जब उन्हें टोका जाता है तो इसी तरह के विवाद सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आता की कोई व्यक्ति जब एसी कोच में सफर कर रहा है तो वह सुकून चाहता है लेकिन पुलिस कर्मियों की मौजूदगी और उनकी कहासुनी उन्हें सुरक्षित माहौल नहीं देती है। कभी-कभी वह पैसेंजर रिज़र्व सीट पर ही बैठ जाते हैं, ऐसे में उन्हें टोकेंगे नहीं तो क्या होगा। आम रेल यात्री को उसकी सीट कैसे मिलेगी। अगर वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निर्वाहन करते हैं तो उनके साथ मारपीट जैसी घटनाएं होती है। अगर सरकार और विभाग उन्हें अपनी ड्यूटी निर्वहन के लिए सुरक्षित माहौल नहीं दे सकता तो टिकट चेकिंग स्टाफ कैसे काम करेगा।
गोली मारने की दी जा रही धमकी
आगरा कैंट स्टेशन पर प्रदर्शन करने वाले टिकट निरीक्षक द्वारा दो वीडियो भी दिखाए गए। एक वीडियो में एक टिकट निरीक्षक के साथ जमकर जीआरपी कर्मी मारपीट कर रहे हैं तो दूसरे वीडियो में टिकट चेकिंग स्टाफ को गोली मारने की धमकी दी जा रही है। इस वीडियो में दिख रहा है कि जीआरपी के जवान टीटीई का कालर पकड़कर जीआरपी थाने ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। अन्य टीटीई इसका विरोध करते हुए रोक रहे हैं। कोई वीडियो बना रहा था तो दूसरी ओर से (यानी जीआरपी की ओर से) आवाज आ रही है छूकर दिखाओ, गोली मार दूंगा।
दी गयी है तहरीर
जानकारी के मुताबिक ट्रेन संख्या 20404 में कंडक्टर बीके शर्मा व अन्य साथी नीतेश जयंत और राकेश मीना मथुरा से प्रयागराज तक ड्यूटी पर तैनात थे। बीके शर्मा ने तहरीर में बताया कि 19/20 की रात करीब 2 बजे ट्रेन कानपुर सेंट्रल पहुंची थी। तभी फतेहपुर के जीआरपी एसओ बताते हुए इंस्पेक्टर साहब सिंह करीब 6 लोगों के साथ एसी कोच में घुस गए। इसमें 2 लोग सिविल ड्रेस में थे। उनके बारे में पूछने पर जीआरपी के जवानों ने बदतमीजी शुरू कर दी और मारपीट करने लगे।
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