आगरा। आयकर निदेशालय (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण) की टीम ने मंगलवार को आगरा की सदर तहसील स्थित उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) पंचम के कार्यालय पर औचक सर्वे कर हड़कंप मचा दिया। लगभग साढ़े चार घंटे तक चली इस सघन जांच के दौरान विभाग को वित्तीय लेनदेन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं और विसंगतियां मिली हैं।
सूचनाएं छिपाने का आरोप
आयकर विभाग की टीम को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि उपनिबंधक कार्यालय द्वारा अपेक्षित वित्तीय सूचनाएं साझा नहीं की जा रही हैं। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2019-2020 से लेकर अब तक के ‘स्पेशल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस’ (SFT) का ब्योरा देने में भारी कोताही बरती गई। विभाग का आरोप है कि जो बैनामे एसएफटी फाइलिंग में शामिल किए गए, उनमें भी आधी-अधूरे जानकारी दी गई। कई मामलों में खरीदार या विक्रेता का पैन (PAN) कार्ड विवरण गायब था, तो कई जगह खरीद-बिक्री का ब्योरा निर्धारित प्रारूप में नहीं भरा गया था।
फॉर्म 61ए और फॉर्म 61 में बड़ी लापरवाही
नियमों के अनुसार, 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य के बैनामों की जानकारी ‘फॉर्म 61ए’ भरकर विभाग को देनी अनिवार्य होती है। इसी प्रकार, 10 लाख रुपये से अधिक के उन बैनामों का विवरण ‘फॉर्म 61’ में देना होता है जिनमें पैन कार्ड उपलब्ध नहीं होता। आयकर विभाग की जांच में पाया गया कि उपनिबंधक कार्यालय द्वारा इन औपचारिकताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया या गलत तरीके से भरा गया।
टीम ने जब्त किए रिकॉर्ड
यह कार्रवाई आयकर अधिकारी वरुण गोयल के नेतृत्व में की गई, जिसमें संतोष केसरी, शुभम जायसवाल और राजकुमार सोनी शामिल रहे। टीम अपने साथ कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड लेकर गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की पड़ताल जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
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