आगरा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ताजनगरी पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही है। ब्रह्ममुहूर्त से ही शहर के प्राचीन और पौराणिक शिवालयों मनकामेश्वर, कैलाश, बलकेश्वर, पृथ्वीनाथ, राजेश्वर और रावली महादेव में भक्तों का तांता लगा हुआ है। “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरी फिजां गूंज उठी है।
मंदिरों को भव्य फूलों और रोशनी से सजाया गया है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज की रात शिव और शक्ति के मिलन की रात है। माता पार्वती की कठोर तपस्या के बाद इसी दिन भोलेनाथ ने अपनी बारात लेकर हिमालय के द्वार पर दस्तक दी थी और सृष्टि के संतुलन का संदेश दिया था।
व्रत पारण और शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। व्रत रखने वाले श्रद्धालु 16 फरवरी 2026 को सुबह 06:42 बजे से दोपहर 03:10 बजे के बीच पारण कर सकते हैं। पारण से पूर्व स्नान कर भगवान शिव को जल अर्पित करना अति फलदायी माना गया है।
सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। प्रमुख मंदिरों के पास महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है और रूट डायवर्जन लागू किया गया है ताकि दर्शनार्थियों को जाम का सामना न करना पड़े।
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