आगरा: शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता और राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा ने जिलाधिकारी आगरा को पत्र लिखकर खंदारी स्थित आधार जन सेवा केंद्र के इंचार्ज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मामला आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधारने से जुड़ा है, जिसमें केंद्र संचालक द्वारा 73 वर्ष पुराना जन्म प्रमाण पत्र मांगने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का जन्म 5 मार्च 1953 को ग्राम पिपरौली (तत्कालीन आगरा, वर्तमान फिरोजाबाद) में हुआ था। उनके आधार कार्ड में केवल जन्म का वर्ष ‘1953’ अंकित है, जिसके कारण उनका पैन कार्ड और बैंक खाता लिंक नहीं हो पा रहा है। इस त्रुटि को सुधारने के लिए वह 9 फरवरी 2026 को खंदारी स्थित आधार केंद्र पहुंचे थे।
मूल दस्तावेजों का अपमान
श्री शर्मा के अनुसार, वह अपने साथ हाईस्कूल (1969) की मूल सनद, इंटरमीडिएट की टीसी और मार्कशीट, बीए, एमए व एलएलबी के सभी मूल शैक्षिक प्रपत्र लेकर गए थे। लेकिन आधार केंद्र के इंचार्ज ने इन दस्तावेजों को यह कहकर फेंक दिया कि ये पुराने हैं और मान्य नहीं होंगे।
असंभव मांग और अभद्रता
अधिवक्ता ने बताया कि जब उन्होंने समझाया कि 1953 में जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनते थे और हाईस्कूल की सनद ही जन्मतिथि का सबसे विश्वसनीय प्रमाण है, तो इंचार्ज ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें केंद्र से बाहर निकाल दिया। इंचार्ज ने अड़ियल रुख अपनाते हुए कहा, “जाओ, कुछ भी कर लो, जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर लाओ तभी काम होगा।”
जिलाधिकारी से मार्मिक अपील
पीड़ित अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से हाथ जोड़कर मार्मिक अपील की है “साहब, अगर आप बनवा सकते हैं तो मेरा 73 साल पुराना (5 मार्च 1953 का) जन्म प्रमाण पत्र बनवा दीजिए, ताकि मेरी समस्या हल हो सके।” उन्होंने मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार और अभद्र केंद्र संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और वरिष्ठ नागरिकों का अपमान कर रहे हैं।
- Agra News: फतेहपुर सीकरी का सुपहरा गांव बना ‘रणभूमि’, नहर की गूल को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, जमकर चले लाठी-डंडे और पत्थर - February 12, 2026
- बाराबंकी: जांच के बहाने पीड़िता पर ‘दिल’ हार बैठे दरोगा साहब, महिला ने CM पोर्टल पर की शिकायत - February 12, 2026
- अमेरिका न होता तो टुकड़े-टुकड़े हो जाता पाकिस्तान, आगरा में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का बड़ा बयान - February 12, 2026