गोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को एक अलग ही रंग में नजर आए। मौका था घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की पारंपरिक ‘रंगभरी शोभायात्रा’ का। आंखों पर काला चश्मा, चेहरे पर मुस्कान और हाथ में गुलाल लिए सीएम योगी ने न केवल उत्सव का आगाज किया, बल्कि विरोधियों को कड़ा सांस्कृतिक संदेश भी दिया।
विरासत का गौरव और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’
जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की ताकत उसकी मर्यादा, जीवंतता और समरसता में निहित है। उन्होंने गर्व से कहा कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम से लेकर अयोध्या के भव्य राम मंदिर और महाकाल लोक तक, भारत अपनी खोई हुई विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है। योगी ने उत्तर प्रदेश को ‘भारत की आत्मा’ बताते हुए कहा कि अयोध्या हमें मर्यादा, काशी जीवंतता और मथुरा भक्ति का आनंद सिखाती है।
जातिवाद पर प्रहार और संघ का शताब्दी वर्ष
सीएम ने समाज में भेदभाव फैलाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रयागराज का संगम हमें बिना किसी भेदभाव के समरसता का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने इस होली को विशेष बताते हुए कहा ”यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी वर्ष है। दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।”
अराजकता के बीच ‘सत्यमेव जयते’ की गूंज
दुनिया भर में जारी अशांति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि जहाँ कई देश अराजकता से जूझ रहे हैं, वहीं भारत मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित है और उमंग के साथ होली मना रहा है। यहाँ न भय है, न अविश्वास; यहाँ सिर्फ ‘यत्र धर्मस्तत्र जयः’ का उद्घोष है।
भक्ति के रंग में रंगे मुख्यमंत्री
संबोधन के बाद सीएम योगी पूरी तरह होली के रंग में डूब गए। उन्होंने भगवान नृसिंह का विधि-विधान से पूजन किया, आरती उतारी और उन्हें नारियल व गुझिया अर्पित की। इसके बाद उन्होंने जनता पर जमकर अबीर-गुलाल और फूलों की पंखुड़ियां उड़ाईं। देखते ही देखते भगवा चोला पहनने वाले मुख्यमंत्री खुद रंगों से सराबोर हो गए, जिससे वहां मौजूद हजारों लोगों का उत्साह दोगुना हो गया।
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