आगरा। यमुना नदी की बदहाल स्थिति में सुधार के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए शनिवार को आगरा में यमुना सफाई अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। यह अभियान पंडित जुगल किशोर श्रोत्रिय के नेतृत्व में यमुना आरती स्थल पर संचालित हुआ, जिसमें समाजसेवियों, विद्यार्थियों और नगर निगम अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
अभियान के दौरान यमुना नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। शहर के समाजसेवी राहुल राज के नेतृत्व में मिल्टन पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों में नदी संरक्षण को लेकर जिम्मेदारी और जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
सफाई के दौरान यमुना किनारे बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, प्लास्टिक कचरा, घरेलू अपशिष्ट और धार्मिक सामग्री एकत्र की गई। विशेष रूप से देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां और पूजन सामग्री नदी में मिलीं, जो आस्था के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी गंभीर चिंता का विषय हैं। इसके अलावा आगरा की जूता फैक्ट्रियों से निकलने वाली जूते की कतरनें भी बड़ी मात्रा में तट पर पाई गईं, जिससे नदी प्रदूषण के साथ-साथ जलस्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
अभियान में गौरव, वैभव, आयुषी, संभव, देवांश, ऋतिक, कृष, आरव, अर्पित, कृष्णा, शल्य, कृतज्ञ, युवराज, नैतिक, साईराज, आलेख, ध्रुव, अनुराग, पुष्पेंद्र, बृजेश, सरिता, प्रभात, रजनीश, मनीष, गीता मिश्रा, अखिल, लकी सहित अनेक स्वयंसेवकों ने श्रमदान किया।
आगरा नगर निगम की ओर से स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा, जेडएसओ आशुतोष वर्मा, सुपरवाइजर आशीष शर्मा और अजय की उपस्थिति से अभियान को प्रशासनिक समर्थन मिला।
इस अवसर पर पंडित जुगल किशोर श्रोत्रिय ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। इसे प्रदूषित करना आस्था और भविष्य—दोनों के साथ अपराध है। उन्होंने प्रशासन से सीधे तौर पर यमुना को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माने की मांग की।
साथ ही जूता फैक्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों से ‘रिवर कनेक्ट’ अभियान के तहत अपील की गई कि वे औद्योगिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करें और यमुना को प्रदूषण से बचाने में सहयोग करें। अभियान से जुड़े लोगों ने अधिक से अधिक नागरिकों से इस मुहिम में शामिल होने का आह्वान किया।
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