आगरा। कमला नगर थाने में दर्ज चर्चित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने कानपुर कमिश्नरेट में तैनात सिपाही रियाज़ को गिरफ्तार किया है। रियाज़ का नाम उस युवती की पूछताछ में सामने आया था, जिसे पुलिस पहले ही मास्टरमाइंड गणेश के साथ जेल भेज चुकी है।
कैसे काम करता था गिरोह
यह मामला उन घटनाओं से जुड़ा है, जहां महिला पीड़ितों को नशीला पदार्थ देकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर लाखों रुपये की वसूली की जाती थी। पिछले सप्ताह पुलिस ने आरोपी युवती और गणेश को गिरफ्तार किया था। उनके पास मिले मोबाइल और पेन ड्राइव में कई संदिग्ध वीडियो मिले थे।
रियाज़ की भूमिका
पूछताछ में सामने आया कि सिपाही रियाज़ लंबे समय तक आगरा में तैनात रहा था और गिरोह को स्थानीय स्तर पर मदद मिलती थी। रियाज़ पर आरोप है कि वह पीड़ितों पर दबाव बनवाने और धमकाने में गिरोह की सहायता करता था।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस के अनुसार गिरोह की महिला सदस्य पहले पीड़ितों से दोस्ती करती थी। इसके बाद नशीला पदार्थ पिलाकर उन्हें अचेत कर देती थी और इसी दौरान आपत्तिजनक वीडियो बना लिए जाते थे। फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की जाती थी।
फरार आरोपी
इस नेटवर्क का हिस्सा माने जा रहे प्रवेश और प्रविंद अभी भी फरार हैं। पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बड़ा हो सकता है और आगे और नाम भी सामने आ सकते हैं।
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