आगरा। अपने भाई-भाभी और उनके चार बच्चों की हत्या के आरोप से बरी हुआ गंभीर सिंह आज अपने गांव तुरकिया पहुंचा। इस दौरान गंभीर ने सामूहिक हत्याकांड पर किसी भी प्रकार की चर्चा से परहेज करते हुए बस इतना कहा कि उसे न्याय मिला है। निर्दोष था, इसलिए उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा। अब वह शांति से अपना जीवन गुजारना चाहता है।
गंभीर सिंह का पैतृक गांव तुरकिया अछनेरा थाना क्षेत्र में आता है। पिछले दिनों गंभीर सिंह सुप्रीम कोर्ट द्वारा सामूहिक हत्याकांड से बरी किया गया था। जेल से रिहाई के वक्त उसका कोई अपना उसे लेने नहीं पहुंचा था। इसके बाद गंभीर इधर-उधर भटक रहा था।
गुरुवार को गंभीर सिंह अपनी बुआ और फुफेरे भाई के साथ तुरकिया गांव में पहुंचा। वह सीधे अपने चाचा के घर गया। गांव में गंभीर सिंह के आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उसके चाचा के घर पर पहुंच गये। इस दौरान गंभीर ने जो भी बड़ा दिखा, उसके पांव छुए और छोटों से हाथ जोड़कर राम-राम की।
इस दौरान गंभीर बार-बार यही कहता रहै कि उसका किसी से लेना-देना नहीं। मैं अब गांव में नहीं रहना चाहता। उसने सामूहिक हत्याकांड पर भी कोई बात न करते हुए बार-बार यही कहा कि मैं कहीं भी रह लूंगा। शांति से जीवन बिताना चाहता हूं। इस दौरान गांव के लोगों ने भी उससे कहा कि पिछली दुनिया को भूलो। गंभीर सिंह ने इतना जरूर कहा कि सालों बाद अपनों से मिलकर उसे खुशी मिली है।
गंभीर सिंह अपनी बुआ के साथ गांव में आया था और डेढ़ घंटे रुकने के बाद बुआ और फुफेरे भाई के साथ ही वापस लौट गया।
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