Agra, Uttar Pradesh, India. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य का वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल भी वर्चुअल रूप से उपस्थित थी। केन्द्रीय मंत्री हरदीपपुरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन स्थल पीएसी मैदान पर उपस्थित रहे। पीएम के बटन दबाते ही टीडीआई मॉल के सामने लगी मशीन ने खुदाई शुरू कर दी।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में आगरावासियों एवं प्रदेशवासियों को मेट्रो का कार्य शुरू होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगरा के पास बहुत पुरातन पहचान तो हमेशा से ही रही है, अब इसमें आधुनिकता का नया आयाम जुड़ रहा है। सैकड़ों वर्षो का इतिहास संजोये यह शहर, अब 21वीं सदी के साथ कदम ताल मिलाने के लिए तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आगरा में स्मार्ट सुविधायें विकसित करने के लिए पहले भी लगभग 1000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। पिछले साल जिस कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर का शिलान्यास करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ था, वह भी बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि कोरोना के समय में यह सेंटर बहुत ही उपयोगी सिद्ध हुआ है। अब 8000 करोड़ रुपये से अधिक का यह मेट्रो प्रोजेक्ट आगरा में स्मार्ट सुविधाओं से जुड़े मिशन को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 6 सालों में यू0पी0 के साथ ही पूरे देश में जिस तेजी से मेट्रो नेटवर्क पर कार्य हुआ है, वह इस सरकार की पहचान और प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाती है। 2014 तक देश में लगभग 225 किलोमीटर मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी। साल 2014 के बाद के 06 वर्षों में देश में 450 किलोमीटर से ज्यादा मेट्रो लाइन, देशभर में आपरेशनल है तथा लगभग 1000 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर तेज गति से काम भी चल रहा है। आज देश के 27 शहरों में मेट्रो का कार्य या तो पूर्ण हो चुका है या फिर काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है। यू0पी0 की ही बात करें तो आगरा मेट्रो सुविधा से जोड़ने वाला, यह यू0पी0 का 07वां शहर है तथा इनके बीच और एक बात बहुत विशेष है, देश में सिर्फ मेट्रो रेल नेटवर्क ही नहीं बन रहा है, बल्कि आज मेट्रो कोच भी मेक इन इण्डिया के तहत् भारत में ही बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिग्नल सिस्टम का भी पूरी तरह से भारत में ही निर्माण हो, इस पर भी काम चल रहा है, यानी अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में भी भारत आत्मनिर्भर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के नये भारत के सपने, उतने ही बड़े हैं, लेकिन सिर्फ सपने देखने से काम नहीं चलता, सपनों को साहस के साथ पूरा करना भी होता है। जब आप साहस के साथ, समर्पण के साथ, आगे बढ़ते हैं, तो कोई भी बाधा आप को रोक नहीं सकती है। भारत का सामान्य युवा, भारत के छोटे शहर आज यहीं साहस दिखा रहे है, यही समर्पण दिखा रहे हैं। 20वीं सदी में जो भूमिका जो देश के मेट्रो शहरों ने निभाई है, उसी भूमिका को विस्तार देने का काम अब हमारे आगरा जैसे छोटे शहरों तक हुआ है। आत्मनिर्भर भारत की भूमिका निभाने के लिये अनेक विकास कार्य पर बहुत ज्यादा जोर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उ0प्र0 के शहरों में तो हर चीज है, जो आत्मनिर्भरता के लिए हमें चाहिए। यहां की भूमि, यहां के किसानों में अपार सामर्थ्य है। पशुधन के मामले में भी यह क्षेत्र देश में अग्रणी हैं। ऐसे में यहां डेरी और फूड प्रोसेसिंग से जुड़े लोगों के लिए बहुत संभावनाएं हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ रहा है। आधुनिक सुविधाएं मिलने व आधुनिक कनेक्टिविटी मिलने से पश्चिमी यू0पी0 का यह सामर्थ्य और बढ़ रहा है। देश का पहला रेल मेट्रो ट्रांसपोर्ट सिस्टम मेरठ से दिल्ली के बीच बन रहा है। दिल्ली-मेरठ के बीच 14 लेन का एक्सप्रेस-वे भी जल्द ही इस क्षेत्र के लोगों को सेवा देने लगेगा। पश्चिमी उ0प्र0 के अनेक जिलों को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को योगी जी की सरकार पहले ही स्वीकृति दे चुकी है। पश्चिमी उ0प्र0 के ग्रेटर नोएडा के जेवर में आधुनिक विश्वस्तरीय ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट से तो इस क्षेत्र की पहचान पूरी तरह बदलने वाली है। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बहुत बड़ी दिक्कत, हमेशा ये रही है कि नये प्रोजेक्ट की घोषणा तो हो गई, लेकिन इसमें पैसा कहा से आयेगा, इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इस वजह से प्रोजेक्ट वर्षों से लटके रहते थे। उनमें काम की रफतार बहुत धीमी थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नई परियोजनाओं की शुरुआत के साथ ही, उसके लिये आवश्यक धनराशि के इन्तजाम पर भी उतना ही ध्यान दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जितना आज देश में खर्च किया जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। अब नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत् रू0 100 लाख करोड़ से भी अधिक खर्च करने की तैयारी की जा रही है। मल्टी मॉडल इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी प्लान पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोशिश यह है कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पूरी दुनिया से निवेश को आकर्षित किया जाय। इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट में विदेशी निवेश को आसान बनाने के लिए भी हर जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं बेहतर कनेक्टिविटी का सबसे अधिक लाभ टूरिज्म सिस्टम को होगा।
श्री मोदी ने कहा कि उनका हमेशा से मत रहा है कि टूरिज्म ऐसा सेक्टर है, जिसमें हर किसी के लिए कमाई के लिए साधन है। कम से कम निवेश में अधिक से अधिक आमदनी, टूरिज्म के माध्यम से संभव हो सकती है, इसी सोच के साथ देश लोकल टूरिज्म के लिए, वोकल हो, इसके लिए अनेक कार्य चल रहे हैं। ताजमहल जैसे धरोहरों के आस-पास आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ ही टूरिस्टो के लिए अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। सरकार ने नई ई-वीजा स्कीम में शामिल देशों की संख्या में काफी वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन तथा प्रसाद जैसी योजनाओं के माध्यम से भी टूरिस्टो को आकर्षित करने का प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से भारत टूरिज्म इंडेक्स में अब 34वें स्थान पर आ गया है, जबकि 2013 में भारत 65वें स्थान पर रूका हुआ था।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जैसे-जैसे कोरोना की स्थिति सुधारती जा रही है, वैसे ही बहुत जल्द ही टूरिज्म सेक्टर की रौनक भी फिर से लौट आएगी। उन्होंने कहा कि नई सुविधा और नये व्यवस्थाओं के लिए रिफॉर्म बहुत जरूरी हैं। हम पिछली शताब्दी के कानून को लेकर के अगली शताब्दी का निर्माण नहीं कर सकते हैं, जो कानून पिछले शताब्दी में बहुत उपयोगी हुए तो अगले शताब्दी के लिए वह उपयोगी बन जाय, इसलिये रिफॉर्म की लगातार प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब रिफॉर्म एक सम्पूर्णता की सोच से किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिये 04 स्तरों पर काम किया जा रहा है। बीते समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो, जीवन ज्यादा से ज्यादा सुगम हो, ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और शहरों की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का उपयोग अधिक हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में घर बनाने वालों एवं घर खरीदारों के बीच भरोसे की स्थिति नहीं थी, कुछ गलत नियत वालों ने पूरे रियल स्टेट को बदनाम करके रखा था। मध्यम वर्ग को परेशान करके रखा था। इस परेशानी को दूर करने के लिये रेरा का कानून लाया गया। इस कानून के बाद मिडिल क्लास के सपने तेजी से पूरे होने शुरू हुए हैं, इसी तरह शहरों में एक और बड़ी समस्या है, बड़ी संख्या में खाली पड़े घरों की, यह तब है, जब बड़ी आबादी को किराये पर घर मिलने में भी परेशानी हो रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए भी एक मॉडल कानून बनाकर राज्यों को दिया जा चुका है। शहरों का जीवन आसान बनाने के लिए आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लेकर हाउसिंग तक चौतरफा काम चल रहा है। यहां आगरा से ही प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के तहत् शहरी गरीबों के लिए एक करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत हो चुके हैं। शहर के मध्यम वर्गों के लिए भी पहली बार घर खरीदने के लिए मदद की जा रही है। अब तक साढ़े बारह लाख से ज्यादा शहरी मध्यम वर्ग के परिवारों को भी घर खरीदने के लिये लगभग 28 हजार करोड़ की मदद दी जा चुकी है। अमृत मिशन के तहत् देश के सैकड़ों शहरों में पानी एवं सीवर जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया गया है। शहरों में सार्वजनिक टॉयलेट की बेहतर सुविधाएं आदि के लिये स्थानीय निकायों को मदद दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज शहरी गरीब को मुफ्त इलाज मिल रहा है और मध्यम वर्ग को सस्ती दवाएं मिल रही हैं। सस्ती सर्जरी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की कोशिशों से बिजली से लेकर मोबाइल फोन तक उस पर खर्च बहुत कम हुआ है।
एजुकेशन लोन से लेकर होम लोन तक ब्याज की दरें कम की गई हैं। यह भी पहली बार हुआ है, जब रेहड़ी, ठेल लगाने वाले एवं छोटे उद्यम को बैंकों से सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है। यही तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है। यह जो रिफार्म है, बीते कुछ समय से किये जा रहे हैं, उनसे देश में नया आत्मविश्वास बढ़ा है। विशेष तौर पर देश को बहनों और बेटियों तक जिस प्रकार सरकारी लाभ पहुंचा है, वह सचमुच में संतोष देता है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से बहनों और बेटियों की भावनाएं उन तक पहुंच रही हैं। माता और बहनों के इसी आशीर्वाद से वह वाकई भाव विभोर हो गए हैं। देश की बहनों-बेटियों, देश के युवाओं, देश के किसानों, देश के श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों में विश्वास बीते दिनों में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि देशवासियों की छोटी से छोटी खुशी, उन्हें नये-नये काम करने की हिम्मत देती है, नये-नये निर्णय लेने की ताकत देता है, आत्मनिर्भरता का यह विश्वास यूं ही निरंतर मजबूत होता रहे तथा विकास के कार्य ऐसे ही बढ़ते रहें। उन्होंने लोगों से कोरोना से बचाव के लिये सावधानियां बरतने, मास्क एवं 02 गज की दूरी रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम को केन्द्रीय राज्यमंत्री, आवास एवं शहरी कार्य हरदीप सिंह पुरी, प्रदेश के राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, डॉ. जी0एस0 धर्मेश, सांसद एसपी सिंह बघेल, महापौर श्री नवीन जैन, विधायक श्री योगेन्द्र उपाध्याय और पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने भी सम्बोधित किया।
Live: Agra metro rail project
https://www.youtube.com/watch?v=SXDYQkVkKVs
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