Agra, Uttar Pradesh, India. केन्द्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद ने 12 निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता निरस्त कर दी है। इन कॉलेजों में मानक पूरे नहीं थे। इन कॉलेजों में 880 सीटें थीं। इन सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाएंगे। आयुर्वेद में महारत हासिल करने के इच्छुक छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे नेमिनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, नवलपुर, फिरोजाबाद रोड, आगरा में प्रवेश ले सकते हैं। इस कॉलेज को 100 सीटों के साथ बीएएमएस की मान्यता दी गई है। यहां प्रवेश लिए जा रहे हैं।
मान्यता निरस्त होने वालों में से छह आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज आगरा, हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद के हैं। श्रीकृष्ण आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज वाराणसी, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज शिकोहाबाद-फिरोजाबाद, डॉ. अनार सिंह आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज फर्रुखाबाद, केवी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज आगरा, अपेक्स मेडिकल कॉलेज मिर्जापुर, भगवंत आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज बिजनौर, प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हाथरस, एमडी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज आगरा, एस एन एस के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज गाजीपुर, शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज बलिया, शहीद नरेन्द्र आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अलीगढ़, जेडी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ की मान्यता निरस्त की गई है।
चेयरमैन डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि नेमिनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर, नवलपुर, फिरोजाबाद रोड, आगरा में बीएएमएस के प्रवेश अभी खुले हुए हैं। यहां प्रवेश लिया जा सकता है। छात्र या उनके अभिभावक नेमिनाथ आकर स्वयं कॉलेज भवन, चिकित्सा शिक्षा संबंधी सुविधाएं देखें। नेमिनाथ में योग्य चिकित्सक बनाने के साथ व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास किया जाता है। जिम्मेदार नागरिक भी बनाया जाता है।
उल्लेखनीय है कि नेमिनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर ने कोरोना की द्वितीय लहर में उल्लेखनीय कार्य किया। श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी के सहयोग से यहां निःशुल्क शिविर लगाए गए, मरीजों को भर्ती करके इलाज किया गया। पोस्ट कोरोना शिविर भी लगाए गए। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने कोरोना मरीजों को अतिशय लाभ दिया। आज भी यह क्रम जारी है। इस समय आयुर्वेद से गंभीर रोगों के इलाज का निःशुल्क शिविर चल रहा है।
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