उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर सरकार ने अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को बताया है कि चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत सीटों पर आरक्षण तय किया जाएगा।
सरकार की ओर से यह जानकारी हलफनामा दाखिल कर दी गई। अदालत में जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
यह मामला तब सामने आया था जब एक याचिका दाखिल कर मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों पर सवाल उठाए गए। इसके बाद सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि नया समर्पित आयोग गठित किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आरक्षण व्यवस्था लागू होगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है। शीर्ष अदालत ने स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पिछड़ा वर्ग के लिए समर्पित आयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उधर, राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है। आयोग का कहना है कि सभी स्तरों के चुनाव में प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा के भीतर ही खर्च करना होगा।
- आगरा शिक्षक एमएलसी मतगणना में देर रात हंगामा: सपा प्रत्याशी का आरोप- भाजपा ने पीटा, भाजपा बोली- खुद फाड़ा कुर्ता; आमने-सामने आए कार्यकर्ता - October 28, 2026
- आगरा शिक्षक एमएलसी मतगणना में देर रात हंगामा: सपा प्रत्याशी का आरोप- भाजपा ने पीटा, भाजपा बोली- खुद फाड़ा कुर्ता; आमने-सामने आए कार्यकर्ता - October 28, 2026
- मैया मायावती जी को…बसपा सुप्रीमो को मां दुर्गा के 10 हाथों वाले स्वरूप में दिखाने वाला पोस्टर चर्चा में - October 27, 2026