Lucknow, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के प्रति अपराध की जड़ पर प्रहार किए जाने की जरूरत है। इसके दृष्टिगत उन्होंने राज्य में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के सम्बन्ध में एक अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह अभियान आगामी शारदीय नवरात्रि से लेकर बासंतिक नवरात्रि तक निरन्तर चलाया जाए। अभियान के पहले चरण में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के सम्बन्ध में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। द्वितीय चरण में अभियान को ऑपरेशन के रूप में संचालित किया जाए। इस दौरान महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रकरणों के सम्बन्ध में प्रवर्तन कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश अपने सरकारी आवास पर महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के सम्बन्ध में गृह विभाग के एक प्रस्तुतीकरण के अवसर पर दिए। उन्होंने कहा कि अभियान से सम्बन्धित सभी विभाग सोमवार 12 अक्टूबर, 2020 की शाम तक अपने द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की एक रूपरेखा तैयार कर प्रस्तुत करें। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री जी ने विमेन पावर लाइन ‘1090’ तथा सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत सम्पादित कार्यों के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ‘1090’ की कार्यवाही को और प्रभावी बनाया जाए तथा महिला/बालिका की संतुष्टि तक प्रकरण की मॉनीटरिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण अभियान का एक सर्वस्वीकार्य नामकरण किया जाए। साथ ही, ‘लोगो’ भी तैयार किया जाए। उन्होंने पहले चरण में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम के लिए ‘मिशन शक्ति’ तथा प्रवर्तन कार्यवाही सम्बन्धी द्वितीय चरण के लिए ‘ऑपरेशन शक्ति’ नाम का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तर्विभागीय समन्वय की अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण में अन्तर्विभागीय समन्वय की भूमिका की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावी अन्तर्विभागीय समन्वय इस अभियान को भी सफल बना सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान को सामान्य दिनचर्या को प्रभावित किए बगैर संचालित कराया जाए। अभियान के दौरान विभागीय तथा अन्तर्विभागीय स्तर पर कार्यक्रमों के संचालन की माॅनीटरिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। अभियान का लक्ष्य प्रदेश की सभी महिलाओं एवं बालिकाओं सहित 24 करोड़ प्रदेशवासियों तक पहुंचना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्रि के दौरान पूजा पण्डालों व रामलीला स्थलों पर कन्या भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति हिंसा आदि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के सम्बन्ध में जागरूकता सृजित करने वाली लघु फिल्मों और नुक्कड़ नाटकों आदि का प्रदर्शन किया जाए। यह माध्यम व्यापक जागरूकता में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के दौरान कोविड-19 के प्रोटोकाॅल के सम्बन्ध में जागरूकता का कार्यक्रम भी किया जाए।
अभियान के साथ विभिन्न इच्छुक स्वयंसेवी, व्यावसायिक, संगठनों और संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। संवाद बनाकर अधिकाधिक संस्थाओं को जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही जन आन्दोलन बनता है। इसके दृष्टिगत व्यापक जनसहभागिता के प्रयास किए जाने चाहिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक एच0सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, ए0डी0जी0 विमेन पावर लाइन सुश्री नीरा रावत, आई0जी0 लखनऊ रेंज सुश्री लक्ष्मी सिंह, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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