नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने एक मानवीय कदम उठाते हुए अब देश की सेवा और सुरक्षा करने के लिए तैयार रहने वाले सैन्य अधिकारियों के परिवारों को एक और सुविधा देने का फैसला लिया है। ट्रेनिंग के दौरान मृत्यु होने पर अब प्री-कमीशन अधिकारियों के परिवारों को पेंशन की सुविधा मिलेगी। ये वो अधिकारी हैं जिनकी मिलिट्री ट्रेनिंग (Military Training) के दौरान किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है।
विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी, अनिल अग्रवाल ने सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों को ये चिठ्ठी भेज दी है ताकि इसका लाभ थलसेना, वायुसेना और नौसेना के प्री-कमीशन अधिकारियों को मिल सके।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी यानि आईएमए में दो मिलिट्री कैडेट्स की 10 किलोमीटर की दौड़ के दौरान मौत हो गई थी। 2019 में भी आईएमए में ही एक कैडेट की मौत मिलिट्री ड्रिल के दौरान सिर में चोट आने के कारण हो गई थी. क्योंकि इन कैडेट्स की सेना में कमीशनिंग नहीं हो पाई थी इसलिए उनके परिवार वालों को डिफेंस-पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था।
रक्षा मंत्रालय के अधीन पूर्व-सैनिक कल्याण विभाग के अनुसार अभी तक शॉर्ट सर्विस कमीशन ऑफिसर्स (SSCO) और (ECO) यानी इमरजेंसी कमीशन ऑफिसर के तहत सेना में शामिल होने वाले वे सैन्य अधिकारी जो कमीशनिंग से पहले ही मौत का शिकार हो जाते थे उनके परिवार को पेंशन का लाभ नहीं मिल पाता था लेकिन 8 जून 2022 यानी गुरुवार को डीईएसडब्लू यानि डिपार्टमेंट ऑफ एक्स सर्विसमैन वेलफेयर ने इस बाबत चिट्ठी जारी कर एससीसीओ और ईसीओ के प्री-कमीशन्ड अधिकारियों को इसका लाभ देने का फैसला किया है।
ट्रेनिंग के दौरान कई अफसर हो चुके हैं घायल
थलसेना, वायुसेना और नौसेना की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग काफी मुश्किल मानी जाती है. इस दौरान कैडेट्स को गंभीर चोट लग जाती है और कभी-कभी मौत भी हो जाती है. ऐसी स्थिति में इन कैडेट्स के परिवार वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. पिछले कई सालों से ऐसे डिसेबल-कैडेट्स भी सिस्टम के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं.
– एजेंसी
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