आकाश आनंद की बसपा में वापसी पर मायावती की सफाई: बोलीं- शादी के बाद अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में खराब हुई थी छवि, अब संन्यास के बाद नहीं पड़ेगी निकालने की जरूरत

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में एक बार फिर से वापसी कराने और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक जैसी अहम जिम्मेदारी सौंपने के पीछे की पूरी स्थिति और वजह स्पष्ट कर दी है। मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि आकाश आनंद ने अपनी शादी से पहले पार्टी को कभी भी कोई शिकायत का मौका नहीं दिया था। उन्होंने साफ किया कि अशोक सिद्धार्थ के संन्यास ले लेने के बाद अब ऐसा कोई भी सवाल पैदा नहीं होता है कि भविष्य में कभी भी आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने की आवश्यकता पड़े।

दरअसल, मायावती ने दिसंबर 2023 में अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि, बीते कुछ महीनों के दौरान राजनीतिक घटनाक्रम के तहत उन्हें कई बार पार्टी से निष्कासित किया गया और कुछ समय बीतने के बाद दोबारा उनकी वापसी भी कराई गई। इसी क्रम में, सोमवार को एक बार फिर मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी में वापस लेते हुए उन्हें राष्ट्रीय संयोजक का पद सौंप दिया था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के सवाल और चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इन्हीं तमाम सवालों के जवाब में अब बसपा प्रमुख ने अपना पक्ष रखा है।

​मायावती ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए लिखा, “जैसा कि यह विदित है कि श्री आकाश आनंद को कल बसपा में वापस लाकर और पार्टी का पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाकर इनको पार्टी के कार्यों में लगा दिया है। लेकिन आज अधिकांश मीडिया में इस बात को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लिखा जा रहा है कि श्री आकाश आनंद को चार बार पार्टी से निकालकर अब पुनः पार्टी में वापस ले लिया गया है और इनको फिर से राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है। जबकि इस संबंध में मैं यह अवगत कराना चाहती हूँ कि श्री आकाश आनंद की शादी होने से पहले ही वे पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, जिसकी वजह से इनको पार्टी से कभी भी नहीं निकाला गया था।”

​अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव और संन्यास पर बोलीं मायावती

मायावती ने आगे तीखा प्रहार करते हुए कहा, “लेकिन इनका रिश्ता श्री अशोक सिद्धार्थ के साथ होने के बाद से फिर इन्होंने अपने खुद के स्वार्थ में श्री आकाश आनंद की इमेज को काफी कुछ खराब करने का प्रयास किया। जिसके कारण फिर श्री आकाश आनंद में सुधार लाने के खास उद्देश्य से इनको पार्टी से कई बार निकालना भी पड़ा और गलती का अहसास होने के बाद फिर इनको वापस भी लेना पड़ा। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद से अब ऐसी कोई भी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए कि पार्टी को फिर से इनको अलग करना पड़े।”

​बसपा सुप्रीमो ने मीडिया को नसीहत देते हुए अंत में कहा, “अर्थात जिस प्रकार से इन्होंने शादी से पहले पार्टी को कभी भी कोई शिकायत का मौका नहीं दिया है, जिसके कारण इनको कभी भी पार्टी से निकालना नहीं पड़ा था, और अब श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है कि इनको अब आगे कभी भी पार्टी से निकालने की जरूरत पड़ेगी। अब वे राजनीति में आगे ही बढ़ेंगे, ऐसी सभी को पूरी-पूरी उम्मीद भी है। इसलिए मीडिया को यह सब सच्चाई उजागर करते हुए तब इनके बारे में पार्टी से कई बार निकालने का उल्लेख करना चाहिए, तो यह बेहतर होगा।”

Dr. Bhanu Pratap Singh