आगरा। छलेसर रोड स्थित श्री वरद वल्लभा महागणपति मंदिर में चल रहे 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव के आठवें दिवस सोमवार को भगवान श्री वरद वल्लभा महागणपति का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को पीत रंग के आकर्षक वस्त्र धारण कराए गए। स्वर्ण मुकुट एवं स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत महागणपति के मस्तिष्क पर विजय तिलक उनकी दिव्य आभा को और निखार रहा था। फूल बंगले में विराजमान भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हुए।
भगवान की वस्त्र श्रृंगार सेवा नवीन अग्रवाल द्वारा की गई। उन्होंने विधि-विधान से भगवान का वस्त्र श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने गणपति महाराज के समक्ष शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
मंदिर के संस्थापक हरिमोहन गर्ग ने कहा कि गणेश महोत्सव के प्रत्येक दिवस भगवान के अलग-अलग स्वरूप का श्रृंगार भक्तों को नई आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा है। पीत वस्त्रों में सजे महागणपति का विजय तिलक युक्त स्वरूप भक्तों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित लखन दीक्षित ने कहा कि भगवान का श्रृंगार केवल सौंदर्य का विषय नहीं, बल्कि भक्त की भावना और समर्पण का माध्यम है। प्रत्येक दिन भगवान को अलग स्वरूप में सजाते समय शास्त्रीय परंपराओं और पूजा-विधि का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन के साथ श्रद्धालु यदि मन में सकारात्मकता और श्रद्धा लेकर लौटता है, तो यही महोत्सव की सार्थकता है।
मंदिर के प्रबंधक नितिन शर्मा ने कहा कि महोत्सव के प्रत्येक दिवस श्रद्धालुओं की सहभागिता बढ़ रही है। नित्य पूजा, अभिषेक, हवन, श्रृंगार और आरती की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि मंदिर आने वाले प्रत्येक भक्त को सहजता से दर्शन और पूजा का अवसर मिल सके।
गौरतलब है कि इस पूरे बारह दिवसीय भव्य आयोजन के दौरान 101 किलोग्राम वजनी विशालकाय मेवा मोदक पूरे क्षेत्र में मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे देखने और जिसके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।
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