विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें कंक्रीट और प्रकृति के बीच बेहतर समन्वय हो: रक्षा मंत्री

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक चौक क्षेत्र में उस समय देशभक्ति और विकास का अनूठा संगम देखने को मिला, जब देश के रक्षा मंत्री एवं स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह ने भव्य समारोह के बीच नवनिर्मित फ्रेगरेंस पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पार्क परिसर में राष्ट्र के महान सपूतों पंजाब केसरी लाला लाजपत राय और शहीदे आजम भगत सिंह की भव्य आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण गरिमामयी माहौल में किया गया। साथ ही, शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी संपन्न हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरदार भगत सिंह युवा भारत की ऊर्जा के प्रतीक थे जबकि लाला लाजपत राय अनुभवी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए ऊर्जा और अनुभव, दोनों की आवश्यकता होती है। फ्रेगरेंस पार्क में स्थापित दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं सही अर्थों में दो पीढ़ियों के संवाद का संदेश देती हैं।

उन्होंने कहा कि आज की जीवनशैली में लोग एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। बच्चे भी बड़ी मात्रा में स्क्रीन के सामने समय बिता रहे हैं। ऐसे समय में पार्क और खुले सार्वजनिक स्थल लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं। पार्क किसी भी शहर के सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें कंक्रीट और प्रकृति के बीच बेहतर समन्वय हो।

राजनाथ सिंह ने कहा कि वह लखनऊ का समग्र और समावेशी विकास चाहते हैं। शहर में स्थान-स्थान पर हरियाली, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए। उनका प्रयास है कि लखनऊ का विकास केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि लोगों के जीवन में महसूस हो। शहर केवल सड़कों, मॉल और इमारतों से नहीं बनता, बल्कि पार्क, खुले मैदान, हरियाली और नागरिक सुविधाएं भी शहर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने इस दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण के कार्यों की सराहना की।

इससे पहले क्षेत्रीय विधायक डा. नीरज बोरा ने कहा कि वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन की विभीषिका का दंश झेलकर पाकिस्तान से भारत आए परिवारों ने देश के विभिन्न हिस्सों में नए सिरे से अपना जीवन शुरू किया। विस्थापित परिवारों को जहां-जहां बसाया गया वहां लाजपत नगर जैसे नामों के माध्यम से उनके संघर्ष और स्मृतियों को सम्मान दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि लाला लाजपत राय के नाम पर एक सुंदर पार्क विकसित हो और परिसर में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय तथा शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमाएं स्थापित हों। इस संबंध में उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अनुरोध किया था।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पार्क परिसर में चंदन का पौधा रोपा। इसके बाद बटन दबाकर दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। फ्रेगरेंस पार्क में विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इससे यह क्षेत्र के नागरिकों के लिए हरित, सुगंधित और स्वास्थ्यवर्धक सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा।

कार्यक्रम में भारत विभाजन की 80 वर्ष पूर्व हुई मानवीय त्रासदी पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। फिल्म के माध्यम से विभाजन के दौरान विस्थापन और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही लखनऊ में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों पर आधारित लखनऊ विकास प्राधिकरण की लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आए परिवारों का अभिनन्दन किया। इनमें पूर्व विधायक विद्यासागर गुप्ता, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया तथा जसवंत कौर शामिल रहीं।

लाला लाजपत राय फ्रेगरेंस पार्क की विशेषता

पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित लाजपत नगर में 2.3 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित लाला लाजपत राय फ्रेगरेंस पार्क में 200 से अधिक प्रजातियों के सुगंधित एवं सजावटी पौधे लगाए गए हैं। चमेली, चंपा, बेला, मोगरा और गंधराज जैसे फूल पार्क की प्रमुख विशेषता हैं। परिसर में कैफे, ओपन थिएटर, बच्चों के लिए झूले और बैठने की व्यवस्था के साथ दिव्यांग एवं दृष्टिबाधित लोगों के लिए रैंप और ब्रेल सूचना पैनल भी उपलब्ध हैं।

पार्क में लाला लाजपत राय और शहीद भगत सिंह की आदमकद प्रतिमाएं स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ती हैं। पुराने लखनऊ के हेरिटेज जोन में विकसित यह पार्क हरियाली, सुगंध, मनोरंजन और इतिहास का सुंदर संगम है।

Dr. Bhanu Pratap Singh