सोनम वांगचुक प्रकरण: जंतर-मंतर पर फूट-फूटकर रोए अभिजीत दीपके, बोले- ‘अब पीएम मोदी के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’

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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से चल रहा अनशन शनिवार को एक बड़े विवाद और हंगामे में बदल गया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद प्रदर्शन स्थल पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील की है, लेकिन आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

आंदोलन खत्म नहीं होगा: अभिजीत दीपके

सोनम वांगचुक को हटाए जाने से व्यथित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके इस दौरान फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर प्रशासन को लगता है कि सोनम सर को ले जाने से यह आंदोलन समाप्त हो जाएगा, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। हम यहीं डटे रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे।” दीपके ने अपने रुख में और सख्ती लाते हुए कहा कि अब उनकी मांग केवल शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि इस घटना के बाद अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।

पुलिस पर मारपीट और अभद्रता के आरोप

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “सुबह सात बजे जब मैं निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां पहुंचे। उन्होंने 60 वर्षीय सोनम सर को गालियां दीं और घसीटकर ले गए। वे 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, ऐसे में उनके साथ यह बर्बरता शर्मनाक है।”

दीपके ने आगे दावा किया कि जब वे सूचना मिलने पर जंतर-मंतर वापस आ रहे थे, तब पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “मैं विदेश से अपने देश वापस आया था, क्या मैं कोई अपराधी हूं? इन लोगों ने मुझे सड़कों पर मारा है।”

जंतर-मंतर पर तनाव बरकरार

इस घटना के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी पूरी तरह उग्र नजर आ रहे हैं। पुलिस द्वारा जगह खाली करने के बार-बार अनुरोधों के बावजूद प्रदर्शनकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। सोनम वांगचुक के अनशन से हटे जाने के बाद से यह आंदोलन अब और अधिक आक्रामक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए जा रहे नारों से जंतर-मंतर गूंज रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh