मोदी कैबिनेट में बड़े बदलाव की आहट: मानसून सत्र से पहले फेरबदल की तैयारी, कई दिग्गज हो सकते हैं बाहर

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नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, और उससे पहले केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव कर सकती है। इस फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले कभी भी फेरबदल की सूचना आ सकती है। इसमें सबसे अहम नाम राजनाथ सिंह का है। सोर्स बताते हैं कि उनकी विदाई लगभग तय है और इसके लिए वो तैयार भी हैं।

सोर्स के मुताबिक, निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी, पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा से भी मंत्री पद लिया जा सकता है। मंत्रालय में मौजूद हमारे सूत्रों ने बदलाव का आधार और इसकी वजहें भी बताईं।

कैबिनेट में फेरबदल के दो आधार सोर्स के मुताबिक, इस बदलाव का आधार दो फैसले हैं- पहला: कैबिनेट अब ज्यादा युवा होगी। औसत उम्र BJP अध्यक्ष की उम्र के आसपास यानी 46 साल होगी। 2-4 साल कम-ज्यादा हो सकती है, लेकिन 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को बाहर जाना ही पड़ेगा। अपवाद ही बचेंगे। हालांकि, ये नियम PM पद के लिए लागू नहीं होगा। पिछले दो फेरबदल में कैबिनेट के जो चेहरे नहीं बदले, वो इस बार जरूर बदलेंगे।‘

दूसरा: जिन पार्टियों से टूटकर लोग BJP में आए, उन्हें भी कैबिनेट में जगह देनी है। इसमें पंजाब से टूटकर आने वाले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद शामिल हैं। इनके अलावा शिवसेना (उद्धव गुट) से टूटकर आए सांसद और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के सांसद भी NDA के सपोर्ट में है। उन्हें भी कैबिनेट में शामिल करने की तैयारी है।

इस बार क्या राजनाथ सिंह कैबिनेट छोड़ेंगे या छोड़ना पड़ेगा?

सोर्स बताते हैं, ‘कैबिनेट में किसी व्यक्ति का आना-जाना, कभी कोई मंत्री या पदाधिकारी तय नहीं करता। इसका फैसला होने के बाद संबंधित व्यक्ति को चिट्ठी दे दी जाती है। इस बार राजनाथ सिंह को चिट्ठी मिलने की खबर है। वो खुद भी बदलाव के लिए तैयार हैं।‘

फिर क्या उनकी विदाई तय है? सोर्स बताते हैं, ‘अभी तो यही दिख रहा है। आखिरी वक्त में क्या होगा, ये तभी पता चलेगा।‘

क्या वो सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) से भी हटेंगे? सोर्स कहते हैं, ‘हां, इस कमेटी का मेंबर होने के लिए डिफेंस मिनिस्टर होना जरूरी है। राजनाथ सिंह 2014 से लगातार इस सबसे अहम कमेटी के मेंबर हैं।‘

उनकी विदाई की वजह क्या हो सकती है? सोर्स साफ करते हुए कहते हैं, इसके पीछे कोई नाराजगी नहीं, बल्कि दोनों बेटों का सक्रिय राजनीति में होना है। राजनाथ के छोटे बेटे नीरज इस बार यूपी BJP में उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। हालांकि, वे यूपी में पिछले करीब 5 साल से बिना किसी पद के सक्रिय हैं। उनकी सक्रियता से पार्टी के कई पदाधिकारी असहज भी थे। इसे लेकर कई बार सवाल भी उठा?

‘बड़े बेटे पंकज सिंह 2002 से सक्रिय राजनीति में हैं। वे 2012 में यूपी BJP में महासचिव बने, जिसके विरोध में 3 प्रदेश सचिवों ने इस्तीफा भी दिया था। अभी वे नोएडा से विधायक भी हैं। राजनाथ अगर ना हटे, तो परिवारवाद का सबसे अच्छा उदाहरण पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह होगा।’

‘विदाई की दूसरी वजह उनकी उम्र है। वो 75 साल के हो गए हैं।’ हमने पूछा कि क्या उन्हें कोई दूसरा पद दिया जाएगा? इस पर सोर्स कहते हैं, ‘अभी तय नहीं। मेरी जानकारी में न ही अब तक इसकी कोई चर्चा है। राजनाथ सिंह से एक पद लेकर उन्हें दूसरा पद देने की न कोई मजबूरी दिख रही है और न ही ऐसी कोई परंपरा है।

NEET पेपर लीक के बाद से चर्चा है कि धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय ले लिया जाएगा? इस पर सोर्स कहते हैं, ‘इसकी उम्मीद कम है। उन्हें तभी हटाया जाएगा, जब ओडिशा में उन्हें CM पद दिया जाए। ओडिशा में CM मोहन मांझी का कार्यकाल लगातार विवादों में है, इसलिए वहां भी फेरबदल के आसार हैं। अभी धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय लेकर उन्हें कोई और मंत्रालय दिया जा सकता है। उन्हें बाहर का रास्ता दिखाए जाने की उम्मीद कम है।‘

Dr. Bhanu Pratap Singh