प्रयागराज में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: एक ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या, सबूत मिटाने के लिए फर्श पर डाला तेल

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प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज का साउथ मलाका इलाका एक वीभत्स हत्याकांड से दहल उठा है। सब्जी मंडी चौराहे के पास स्थित एक घर में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई।

मृतकों में 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता, 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी और 40 वर्षीय बेटा अभिषेक शामिल हैं। मंगलवार को जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी, तब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर सभी सन्न रह गए।

साजिश की गहराई और सबूत मिटाने की कोशिश

प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि यह वारदात रविवार को अंजाम दी गई थी। हत्यारों ने अपराध के निशान मिटाने के लिए पूरी शातिराना रणनीति अपनाई थी। पुलिस के मुताबिक, चारों शवों को रजाई और कंबलों में लपेटकर छिपाया गया था ताकि बदबू बाहर न आए। फर्श पर फैले खून के निशानों को वाशिंग पाउडर से धोने के बाद हत्यारों ने वहां तेल डाल दिया था। हत्या करने के बाद अपराधी घर के बाहर ताला लगाकर फरार हो गए, जिससे पड़ोसियों को यही लगा कि परिवार कहीं बाहर गया हुआ है। इसी वजह से दो दिनों तक इस भीषण हत्याकांड की भनक किसी को नहीं लग सकी।

संपत्ति विवाद की आशंका और पुलिस जांच

पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र परिवार की करोड़ों की संपत्ति बनी हुई है। जिस मकान में परिवार रहता था, वहां 14 दुकानें किराये पर दी गई थीं, जिनसे भारी आमदनी होती थी। सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र कुमार ने करीब 15 साल पहले अपने छोटे बेटे अश्विनी को संपत्ति से बेदखल कर दिया था, जिसके चलते पुलिस इसे आपसी रंजिश और जमीन-जायदाद के विवाद से जोड़कर देख रही है।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के नेतृत्व में आला अधिकारी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर डटी हुई है। पुलिस का मानना है कि कातिल घर के अंदरूनी हालातों और परिवार की दिनचर्या से भली-भांति परिचित थे। फिलहाल पुलिस संपत्ति विवाद के साथ-साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है ताकि हत्यारों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके।

Dr. Bhanu Pratap Singh