आगरा में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़: एसटीएफ ने माँ-बेटों समेत चार तस्करों को किया गिरफ्तार, करोड़ों का ‘कैलिफोर्निया गांजा’ बरामद

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आगरा। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने आगरा में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त एक हाईटेक गैंग को दबोचा है। इस कार्रवाई में एक महिला और उसके दो बेटों सहित कुल चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य का विदेशी ‘औजी गांजा’ (OG Cannabis) और एमडीएमए (MDMA) बरामद हुआ है। इस सिंडिकेट के तार कैलिफोर्निया, दिल्ली, हरियाणा और थाईलैंड तक जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

​सिकंदरा में चल रहा था ड्रग्स का अड्डा

एसटीएफ आगरा की टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कमिश्नरेट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है। 27 मई 2026 की देर रात, सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ, एएनटीएफ (ANTF) और थाना सिकंदरा पुलिस ने संयुक्त रूप से शिवपुरी कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में छापा मारा। यहाँ जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू, प्रेम कुमार प्रजापति, बबलू शर्मा और मुख्य सरगना नन्हीं देवी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

परिवार बन गया नशे का ‘कारोबार’

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी जितेंद्र ने बताया कि यह धंधा उसकी माँ नन्हीं देवी ने करीब चार साल पहले शुरू किया था। बाद में जीजा सौरभ (अब मृत) और फिर भाई प्रेम कुमार व पड़ोसी बबलू शर्मा को इसमें शामिल कर लिया गया। ये तस्कर दिल्ली और पानीपत से नशीला माल लाते थे और उसे शहर के पॉश इलाकों में सप्लाई करते थे।

कैलिफोर्निया कनेक्शन और थाईलैंड से ‘कंट्रोल’

एसटीएफ के अनुसार, बरामद ‘औजी गांजा’ कैलिफोर्निया से आता था, जो अपनी उच्च गुणवत्ता और खास सील पैकिंग के लिए जाना जाता है। तस्कर इसे साढ़े तीन ग्राम के छोटे पैकेटों में सात से साढ़े सात हजार रुपये तक में बेचते थे।

गैंग का मुख्य सप्लायर ‘कुशाग्र’ वर्तमान में थाईलैंड में बैठकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। माल लेने का तरीका बेहद गोपनीय था, जहाँ नशीले पदार्थ को एक गुप्त स्थान पर रखा जाता था और भुगतान के बदले माल उठाया जाता था।

​कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सिकंदरा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/22/29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल पेमेंट की जांच कर रही है ताकि अन्य सप्लायरों तक पहुँचा जा सके। आगरा में सामने आए इस हाईटेक सिंडिकेट ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh