
सहारनपुर/मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सहारनपुर के निवासी और बीडीएस (BDS) द्वितीय वर्ष के छात्र हारिश अली को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) की विचारधारा को बढ़ावा देने और भारत विरोधी साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं।
डॉक्टरी की पढ़ाई की आड़ में आतंकी नेटवर्क
सहारनपुर के मानक मऊ का रहने वाला हारिश अली मुरादाबाद से अपनी पढ़ाई कर रहा था। जांच एजेंसियों को इनपुट मिला था कि वह सोशल मीडिया के विभिन्न एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म जैसे ‘सेशन’ और ‘डिसकॉर्ड’ पर सक्रिय है। वह अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन (VPN) और छद्म नामों का सहारा लेकर युवाओं को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए उकसा रहा था।
शरिया कानून और खिलाफत का था मंसूबा
एटीएस के मुताबिक, हारिश अली भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देते हुए यहां शरिया आधारित ‘खिलाफत’ व्यवस्था स्थापित करना चाहता था। इसके लिए उसने ‘अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से ग्रुप बनाया था, जहाँ वह आईएसआईएस की मैगजीन ‘दबिक’ और ‘अल-नाबा’ चैनल की सामग्री साझा करता था। वह ग्रुप के सदस्यों को फिदायीन हमले और ‘जंग-ए-जिहाद’ के लिए प्रेरित कर रहा था।
पाकिस्तान और विदेशों से जुड़े तार
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हारिश अली का संपर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था। वह पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे आईएसआईएस हैंडलरों के सीधे संपर्क में था और वहां से मिल रहे निर्देशों के आधार पर नेटवर्क को मजबूत कर रहा था। वह मारे गए आतंकियों को ‘महिमामंडित’ करने वाले वीडियो और ऑडियो भी साझा करता था।
एजेंसियों की पूछताछ जारी
यूपी एटीएस फिलहाल हारिश से सघन पूछताछ कर रही है। एजेंसियों को अंदेशा है कि उसके नेटवर्क में कई और युवा शामिल हो सकते हैं। उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि विदेशी हैंडलरों और स्थानीय संपर्कों की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।
- मेहनत का परचम: आगरा के उज्ज्वल सिंह बने भारतीय सेना में लेफ्टीनेंट - May 2, 2026
- आगरा में सेवा बन गई संजीवनी: निशुल्क हड्डी रोग शिविर में मुस्कुराए नन्हे चेहरे, जागी नई आस - May 2, 2026
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जे एन टंडन ने अपने पिता कामरेड महादेव नारायण टंडन के बारे में यह क्या कह दिया - April 28, 2026