आगरा। ताजनगरी के देहतोरा में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक दंगल मेला इस वर्ष भी अखाड़े के रोमांच और शौर्य के साथ संपन्न हुआ। ‘देहतोरा दंगल कमेटी’ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के दिग्गज पहलवानों ने भाग लिया। 25 हजार से अधिक दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पहलवानों ने अपनी ताकत और दांव-पेंच से मिट्टी के अखाड़े में जमकर पसीना बहाया।
हरिकेश पहलवान बने दंगल के सरताज
दंगल का मुख्य आकर्षण सबसे बड़ी और अंतिम कुश्ती रही, जो दो ‘हिंद केसरी’ पहलवानों के बीच लड़ी गई। इस महामुकाबले में हाथरस के हिंद केसरी हरिकेश पहलवान का सामना राजस्थान के हिंद केसरी सुनील पहलवान जजर से हुआ। दोनों के बीच हुई कांटे की टक्कर में हरिकेश ने अपने जबरदस्त कौशल से सुनील को चित्त कर दिया और खिताबी जीत अपने नाम की। उनकी जीत पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
महिला पहलवानों ने भी दिखाया दम
इस बार अखाड़े में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिला पहलवानों ने भी दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। पश्चिम बंगाल और दिल्ली से आईं महिला पहलवानों ने अखाड़े में अपने दांव-पेंच दिखाए, जो दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, असम और जम्मू-कश्मीर के नामी पहलवानों ने भी अपने जौहर दिखाए।
100 रुपये से लेकर 51 हजार तक के इनाम
प्रतियोगिता को रोमांचक बनाने के लिए कमेटी ने 100 रुपये की छोटी कुश्ती से लेकर 51 हजार रुपये की बड़ी कुश्ती तक के मुकाबले आयोजित किए। हर वर्ग के पहलवानों को उनके कौशल के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
सफल आयोजन और संचालन
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में दंगल कमेटी के अध्यक्ष प्रेम सिंह, डॉ. सुनील राजपूत, चौधरी नवल सिंह और विश्वनाथ लोधी का विशेष सहयोग रहा। अखाड़े के हर दांव और मुकाबले का सजीव व सफल संचालन हरिकिशन फौजी द्वारा किया गया।
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