सनातन से ऊपर कोई नहीं, अयोध्या से षड्यंत्र रचने वालों को कभी सफलता नहीं मिली: सीएम योगी

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म से ऊपर कोई नहीं है और अयोध्या के विरुद्ध षड्यंत्र करने वालों को कभी सफलता नहीं मिल सकती। वे बुधवार को राम मंदिर परिसर में प्राण-प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

तीन ऐतिहासिक तिथियों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीन तिथियां इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो चुकी हैं।

5 अगस्त 2020: जब प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचे और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम जन्मभूमि पर शिलान्यास कर ऐतिहासिक कलंक का अंत किया।

22 जनवरी 2024: जब प्रधानमंत्री ने अयोध्या आकर श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई।

25 नवंबर (विवाह पंचमी): जब राम मंदिर के मुख्य शिखर पर सनातन धर्म की ध्वजा प्रतिष्ठित कर ‘सनातन से ऊपर कोई नहीं’ का संदेश दिया गया।

सीएम ने कहा कि सनातन की यह पताका निरंतर लहराती रहेगी और विश्व को यह संदेश देती रहेगी।

“यहां तो हनुमान जी स्वयं विराजमान हैं”

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के संघर्षकाल का स्मरण करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में अयोध्या को लहूलुहान करने के प्रयास हुए, आतंकी हमलों की साजिशें रची गईं। लेकिन प्रभु की कृपा और बजरंगबली की रक्षा में अयोध्या सदैव सुरक्षित रही जहां हनुमान जी स्वयं विराजमान हों, वहां कोई दुष्ट सफल नहीं हो सकता।

2005 के आतंकी हमले की कोशिश का जिक्र

सीएम योगी ने 2005 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आतंकियों ने हमले की कोशिश की थी, तब पीएसी के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें ढेर कर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या आए हैं। पहले यहां बिजली, पानी, सड़क और कनेक्टिविटी का अभाव था, लेकिन अब सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

“मंदिर यात्रा का विराम नहीं, शुरुआत है”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब रोजगार और विकास का बड़ा केंद्र बन रही है। ‘जी राम जी’ जैसी योजनाएं आजीविका के नए अवसर सृजित कर रही हैं। श्रद्धालु यहां से अभिभूत होकर लौटते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंदिर यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि आज रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी धूमधाम से मनाई जा रही है दो वर्ष पूर्व इसी दिन श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी।

Dr. Bhanu Pratap Singh