आगरा, 18 दिसंबर। शहर में कभी चर्चित रहे लोक आराधना न्यास पर कब्जे को लेकर अब परिवार के भीतर ही विवाद खुलकर सामने आ गया है। मामला इतना बढ़ गया कि बात पुलिस तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि यह विवाद न्यास के संस्थापक और उनके ही पत्नी व पुत्र के बीच चल रहा है।
लोक आराधना न्यास के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य हरिओम गुप्ता (67) ने थाना हरीपर्वत में अपनी पत्नी सीमा और पुत्र मानस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। आचार्य हरिओम का कहना है कि हाल ही में वे हृदय रोग के चलते एंजियोप्लास्टी से गुजरे हैं, इसके बावजूद उन्हें लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी नगर स्थित लोक आराधना न्यास के कार्यालय-भवन पर अवैध कब्जा करने की साजिश रची जा रही है, जिसमें पत्नी के भाई पवन की भी अहम भूमिका है।
आचार्य हरिओम के अनुसार, बीते 19 नवंबर की रात करीब एक बजे पत्नी और पुत्र ने ट्रस्ट कार्यालय खाली करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनके साथ लात-घूंसों, डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर उनका चालक मौके पर पहुंचा, तब जाकर उनकी जान बच सकी।
उन्होंने बताया कि इस घटना के तीन दिन बाद 22 नवंबर की दोपहर एक बार फिर उन पर हमला किया गया। किसी तरह जान बचाकर वे वहां से निकल पाए। इससे पहले सितंबर माह में सीने में दर्द की हालत में भी उनके साथ मारपीट की गई थी, जो उनकी जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। ट्रस्ट की संपत्ति अपने नाम न करने पर हत्या कर संपत्ति बेच देने तक की धमकी दी गई है। आचार्य हरिओम गुप्ता भारतीय जनता पार्टी के गंगा प्रकोष्ठ के पूर्व राष्ट्रीय सह-संयोजक भी रह चुके हैं।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर थाना हरीपर्वत पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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