“गुन गोबिंद गाइओ नहीं जनमु अकारथ कीनु, कहु नानक हरि भजु मना जिह बिधि जल कउ मीनु।”
आगरा: इसी भाव के साथ धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी तथा भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर में इस्त्री सत्संग सभा द्वारा विशेष कीर्तन समागम बड़े श्रद्धा और सत्कार के साथ आयोजित किया गया।
समागम की शुरुआत हजूरी रागी भाई जगतार सिंह द्वारा नवें महले के श्लोकों के कीर्तन से हुई। गुरु प्यारी साध संगत ने भावपूर्ण ढंग से शब्द गायन में भाग लिया। ज्ञानी मंशा सिंह ने अरदास एवं हुकमनामा लेकर संगत को आशीर्वाद प्रदान किया। संगत ने परिवार सहित गुरुमहाराज के चरणों में माथा टेका और इस पावन अवसर की खुशियों को अपनी झोली में भरा।
गुरुद्वारा परिसर में पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं की अद्भुत छटा बिखरी रही। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब की इस्त्री सत्संग सभा एवं प्रबंधक कमेटी ने संगत का “जी आया नु” कहकर स्वागत किया और धन्यवाद प्रकट किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में हरविंदर कौर जुल्का, जसविन्दर कौर, चांदनी भोजवानी, कुलबीर कौर, हैप्पी बहन, हरजिंदर कौर, रंजीत कौर, सिमरन कौर, शरण कौर, अमरजीत कौर, इक़बाल कौर, दीपा कालरा, सरबजीत कौर, सर्वरण कौर और गुरजीत कौर का विशेष योगदान रहा ।
साध संगत ने एक स्वर में अरदास की कि गुरु महाराज जी का आशीर्वाद सभी परिवारों पर बना रहे।
रिपोर्टर- पुष्पेंद्र गोस्वामी
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