मथुरा। वर्ष 2024 की विदाई और नये साल यानि 2025 के मौके पर ब्रज धाम में श्रद्धालुओं की वैसी भीड़ नहीं उमड़ी, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हुई थीं। मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि हो या वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर, लोगों को दर्शन करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आई। हालांकि शाम के बाद ब्रज में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी।
पिछले सालों के मुकाबले कम भीड़ की एक वजह यह भी हो सकती है कि इस साल विभिन्न त्योहारों के मौके बांके बिहारी मंदिर में रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने पर व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं। तमाम श्रद्धालुओं के बेहोश होने के अलावा दम घुटने से मौत के हादसे भी हो चुके थे। शायद इसी वजह से लोगों ने नई साल के विशेष मौके पर यहां का आना टाला है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि कल नये साल के मौके पर पिछले सालों जैसी ही भीड़ यहां पहुंच सकती है।
मथुरा प्रशासन ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा, बांके बिहारी मंदिर वृंदावन के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों, आश्रमों, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव को गोकुल तथा दाऊजी में नये साल के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं के हिसाब से व्यापक इंतजाम किए हैं। पिछले कुछ दिन से मथुरा के डीएम और एसएसपी ने खुद सभी तीर्थस्थानों पर जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
आज दिन में ब्रज के किसी भी तीर्थस्थल से ऐसी सूचना नहीं मिली कि भीड़ के कारण व्यवस्थाएं खराब हो रही हैं। सभी मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं को आराम से दर्शन हुए। हालांकि लाइनें लंबी होने से कुछ समय जरूर लगा। बरसाना में राधारानी मंदिर के अलावा वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी।
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