नागरिकता संशोधन क़ानून यानी CAA के नियमों पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है.
ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल अपनी याचिका में कहा है कि 1955 के नागरिकता क़ानून की धारा 6बी के अनुसार अदालत में मामले के लंबित रहने तक नागरिकता की मांग करने वाले किसी भी आवेदन पर फ़ैसला नहीं हो सकता.
इस याचिका में उन्होंने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सीएए और एनआरसी के बीच के संबंध खतरनाक हैं.
उन्होंने दावा किया है कि सीएए लागू होने के बाद एनआरसी को भी लागू किया जाएगा. ओवैसी ने आरोप लगाया है कि एनआरसी के ज़रिए भारतीय मुसलमानों को प्रताड़ित करने की कोशिश की जा रही है.
-एजेंसी
Latest posts by Dr. Bhanu Pratap Singh (see all)
- आगरा व्यापार मंडल का महासंकल्प: 2000 यूनिट रक्तदान के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ जनजागरण अभियान, 16 अगस्त को लगेगा विशाल शिविर - July 6, 2026
- आगरा से किसान क्रांति का शंखनाद: डॉ. भानु प्रताप सिंह का बड़ा ऐलान, हर चुनाव में उतारेगा ‘किसान क्रांति दल’ अपने प्रत्याशी - July 6, 2026
- अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, बैठक में भावुक हुए संत, बोले- बहुत बड़ी गलती हुई - July 6, 2026