मोदी सरकार के IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गूगल और फेसबुक के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ भी पोस्ट होता रहे। मंत्री ने मेटा, गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट को संबोधित करते हुए कहा कि सभी सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्हें देखना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर क्या पोस्ट हो रहा है और क्या नहीं।
सोशल मीडिया के लिए आएगा नया कानून
उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया कंपनियों का ढ़ीला रवैया नहीं चलेगा। उनके प्लेटफॉर्म पर क्या पब्लिश हो रहा है, वो उनकी जिम्मेदारी होगी। और गलत सूचनाओं और खबरों का मुकाबला करने के लिए टेक्नोलॉजी समाधान खोजने होंगे, जिससे समाज और लोकतंत्र को नुकसान ना हो। सरकार ने डीपफेक और फेक न्यूज से निपटने के लिए कानूनी ढांचे को चुनाव के बाद लागू करने की बात कही।
सोशल मीडिया के गतल इस्तेमाल का डर
सरकार ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फेक न्यूज और डीपफेक पर जीरो टॉलरेंस पर लागू किया जाएगा। साथ ही AI मॉडल को बनाने के लिए सरकार की परमिशन लेनी होगी।
बता दें कि करीब 2 हफ्ते पहले Google के जेमिनी AI टूल ने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर गलत न्यूज पब्लिश की थी। जैसा कि मालूम है कि भारत में चुनाव होने हैं। ऐसे में एआई टूल और डीपफेक के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी के मद्देनजर सरकार सतर्क हो गई है, जिससे भ्रामक खबरों से चुनाव को प्रभावित न किया जा सके।
-एजेंसी
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