फ्रांस में गर्भपात कराना अब संवैधानिक अधिकार बना दिया गया है. फ्रांस दुनिया का पहला देश है, जिसने गर्भपात कराने का अधिकार अपने संविधान में शामिल किया है.
फ्रांस की संसद में सदस्यों इसके लिए संवैधानिक में संशोधन को मंजूरी दी. गर्भपात को संवैधानिक अधिकार बनाने के लिए फ्रांस के 1958 के संविधान में संशोधन किया गया.
इसके जरिये महिलाओं को गर्भपात कराने की आजादी दी गई है. फ्रांस की संसद में इस संशोधन के पक्ष में 780 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 72. संशोधन पारित होते ही संसद सदस्यों ने खड़े होकर इसका स्वागत किया.
संशोधन पारित होने के बाद राष्ट्रपति इमुनैएल मैक्रों ने कहा ने इसे फ्रांस के लिए गर्व का विषय करार दिया. उन्होंने कहा कि ये संविधान संशोधन पूरी दुनिया को एक संदेश देगा.
हालांकि गर्भपात विरोधी संगठनों ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है. रोमन कैथोलिक चर्च के मुख्यालय वेटिकन भी इसके विरोध में है. फ्रांस में गर्भपात कराना कानूनी है लेकिन देश के 85 फीसदी लोग चाहते थे कि संविधान में इसकी गारंटी दी जाए.
-एजेंसी
- आगरा में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते 26 सितंबर को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, जिलाधिकारी ने जारी किए आदेश - September 25, 2026
- वाराणसी से वडनगर तक 2000 किमी की ‘सेवा यात्रा’ का आगरा में भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों ने किया अभिनंदन - September 25, 2026
- आगरा में एक्मा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संभाला कार्यभार: कपड़ा व्यापारियों के हितों की रक्षा करने का लिया संकल्प - September 25, 2026