लखनऊ। यूपी के मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की 40 फीसदी से ज्यादा पद खाली हैं। इनको भरने के लिए अलग-अलग चरणों में करीब 200 सहायक प्रोफेसर चयनित किए गए। इन्हें कॉलेज आवंटित कर दिए गए पर इनमें से कई ने कार्यभार ग्रहण ही नहीं किए हैं।
13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों (चिकित्सा शिक्षकों) के खाली पदों को भरने के प्रयास को जबरदस्त झटका लगा है।
गौरतलब है कि लोक सेवा आयोग से डेढ़ साल में चयनित करीब 200 सहायक प्रोफेसरों में से 85 ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में इन सभी पदों को बृहस्पतिवार को रिक्त घोषित कर दिया गया है। अब दोबारा भर्ती की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की 40 फीसदी से ज्यादा पद खाली हैं। इनको भरने के लिए लोक सेवा आयोग से 28 फरवरी, 2022 से 10 मार्च, 2023 तक अलग-अलग चरणों में करीब 200 सहायक प्रोफेसर चयनित किए गए। इन्हें कॉलेज आवंटित कर दिए गए। पर, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इनके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर में सर्वाधिक 15, आजमगढ़ में 13, बदायूं व कन्नौज में 12-12, सहारनपुर 10, जालौन आठ, बांदा व गोरखपुर 4-4, कानपुर तीन, झांसी दो और मेरठ में एक सहायक प्रोफेसर ने कार्यभार ही ग्रहण नहीं किया।
विषयवार स्थिति देखें तो इसमें सर्वाधिक 19 एनेस्थेटिस्ट के अलावा बाल रोग, महिला रोग, पैथोलॉजी, सर्जरी, साइकियाट्रिक, मेडिसिन सहित अन्य विधा के चिकित्सक शामिल हैं।
– एजेंसी
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