2027 की सियासी तैयारियों में जुटी बीजेपी, राजनीतिक गलियारों में उठ रहा सवाल— क्या चुनाव से पहले यूपी में लागू होगा UCC?

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उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर हलचल एक बार फिर काफी तेज हो गई है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे और देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी संभावित उच्चस्तरीय मुलाकात की खबरें जोर पकड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने UCC को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में UCC लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी ने अपने लोकसभा चुनाव के संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता को प्रमुखता के साथ शामिल किया था।

​उनके अनुसार, जब तक देश और प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जाती, तब तक महिलाओं को उनके संवैधानिक और सामाजिक अधिकारों की पूरी सुरक्षा प्रदान करना संभव नहीं हो सकता। इसी बीच, सियासी गलियारों में सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही दिल्ली का दौरा कर सकते हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात हो सकती है, हालांकि अभी इस संभावित बैठक का कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। यदि यह मुलाकात होती है, तो आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ राज्य में UCC को अमलीजामा पहनाने की रणनीति पर भी गंभीर चर्चा होने की पूरी संभावना है।

​2027 के चुनाव और संगठन को धार देने में जुटी बीजेपी

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर लगातार उच्च स्तर पर मंथन और समीक्षा कर रही है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव जैसी ऐतिहासिक जीत को दोबारा दोहराना पार्टी के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके अलावा, हालिया 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन में आई कुछ गिरावट के बाद से ही संगठन को भीतर से मजबूत करने और चुनावी रणनीति को नए सिरे से धार देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुद लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं और विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से सरकार के कामकाज को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि एनडीए (NDA) गठबंधन की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में साल 2029 से पहले समान नागरिक संहिता को अनिवार्य रूप से लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है।

हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश में UCC को जमीन पर उतारने को लेकर कोई अंतिम निर्णय लिया गया है या नहीं। लेकिन एक तरफ योगी और शाह की संभावित मुलाकात और दूसरी तरफ भूपेंद्र चौधरी का यह मुखर बयान इन दोनों बड़े घटनाक्रमों ने राजनीतिक विश्लेषकों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है: क्या वाकई 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में UCC लागू करने की कोई बड़ी तैयारी चल रही है?




Dr. Bhanu Pratap Singh