आगरा के फतेहाबाद में 1.10 लाख की लूट की सूचना निकली फर्जी: बैंक जांच में खुला राज, पुलिस को गुमराह करने वाला युवक बेनकाब

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फतेहाबाद। उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े 1.10 लाख रुपये की लूट की एक झूठी सूचना ने पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। शिकायतकर्ता ने तीन बाइक सवार बदमाशों पर चाकू की नोक पर नकदी लूटने का गंभीर आरोप लगाया था, लेकिन जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी और बैंक स्तर पर जांच की, तो पूरा मामला पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी निकला। बैंक रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि शिकायतकर्ता ने घटना से ठीक पहले बैंक से किसी भी प्रकार की नकद रकम निकाली ही नहीं थी।

​क्या था पूरा मामला?

वरना गांव के रहने वाले धर्मेंद्र पुत्र प्रताप सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि जब वह ‘बाबा की तिवरिया’ के पास से गुजर रहा था, तभी तीन बाइक सवार बदमाशों ने उसे चाकू दिखाकर 1 लाख 10 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने बदमाशों का हुलिया भी बताया कि एक आरोपी ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी, जबकि दूसरे के कान में बाली थी। इतनी बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी।

​बैंक पहुंचते ही सामने आ गई हकीकत

शुरुआती पूछताछ में धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पंजाब नेशनल बैंक की पालिया शाखा से 50 हजार रुपये नकद निकालकर लाया था, जबकि 60 हजार रुपये उसने किसी परिचित से उधार लिए थे।

​सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस धर्मेंद्र को लेकर सीधे पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पहुंची और उसके बैंक खाते की पूरी जानकारी खंगाली। बैंक के शाखा प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र ने 14 सितंबर को अपने मोबाइल के जरिए 20 हजार, 19 हजार और 9 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे, और उसके खाते में महज 600 रुपये ही शेष बचे थे। बैंक रिकॉर्ड में 50 हजार रुपये की किसी भी नकद निकासी की कोई पुष्टि नहीं हुई।

​संतोषजनक जवाब नहीं दे सका युवक

इसके बाद पुलिस ने जब धर्मेंद्र से कथित रूप से लूटे गए 1.10 लाख रुपये के स्रोत के संबंध में कड़ाई से पूछताछ की, तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच के दौरान किसी परिचित से 60 हजार रुपये नकद मिलने की बात भी पूरी तरह झूठी साबित हुई।

​फतेहाबाद के प्रभारी निरीक्षक (SHO) विनोद कुमार मिश्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि धर्मेंद्र ने पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट की झूठी सूचना दी थी। बैंक से कोई नकदी न निकलने और किसी व्यक्ति से पैसे लेने की पुष्टि न होने के कारण यह पूरी घटना मनगढ़ंत पाई गई है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh