​राम मंदिर जमीन घोटाला: आप सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे 13 अहम दस्तावेज, लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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लखनऊ: अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावे, चंदे और भूमि खरीद में कथित घोटाले की जांच कर रही SIT (विशेष जांच टीम) के सामने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार सुबह 11 बजे संजय सिंह लखनऊ में SIT के अध्यक्ष व मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने SIT प्रमुख के साथ विस्तृत चर्चा की और जांच से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के ठोस सबूत सौंपे।

तथ्यों के साथ हुई मुलाकात

सांसद संजय सिंह ने SIT के साथ इस बैठक को अत्यंत गंभीर बताया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक लगभग 12 मिनट तक चली, जिसमें सांसद ने आधे घंटे से अधिक समय तक बिंदुवार तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीनों में हुई अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए टीम को जानकारी उपलब्ध कराई। अब सभी की निगाहें SIT की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।

​सांसद के पास हैं 13 जमीनों के दस्तावेज

मुलाकात के बाद बाहर निकले संजय सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने SIT को कुल 13 जमीनों से संबंधित दस्तावेज सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 2 जमीनों के मामले तो आपस में सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट ने जमीनों की खरीद में भारी भेदभाव और अनैतिकता बरती है।

​ट्रस्ट पर लगाए गंभीर आरोप

सांसद ने ट्रस्ट पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जमीन खरीद में सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की गई है। उनके अनुसार, मंदिर के बिल्कुल नजदीक वाली कीमती जमीनों को बहुत ही सस्ते दामों पर खरीदा गया। वहीं, जो जमीनें मंदिर से काफी दूर थीं और जिनका व्यावसायिक महत्व भी कम था, उन्हें अत्यधिक ऊंची कीमतों पर खरीदा गया।

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ये महंगी जमीनें ट्रस्ट से जुड़े करीबी लोगों की थीं। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के करीबियों को गलत तरीके से अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए ही इन दूर की जमीनों को ऊंचे दामों पर खरीदा गया, जबकि मंदिर की मुख्य जमीन के सौदों में मानकों की अनदेखी की गई। उन्होंने इन दस्तावेजों को घोटाले का पक्का सबूत बताया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh