यूपी चुनाव 2027: इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे पर तकरार, कांग्रेस ने 200 सीटों पर शुरू की तैयारी, सपा 50-55 सीटें देने के मूड में

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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे की चर्चा जोर पकड़ चुकी है। देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने 200 सीटों पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि पार्टी इन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की योजना बना रही है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि इन सीटों की सूची का अर्थ यह नहीं है कि वह गठबंधन में इतनी ही सीटें मांग रही है।

दरअसल, सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी गठबंधन के भीतर सपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ सपा अपनी सहयोगी कांग्रेस को सिर्फ 50 से 55 (या अधिकतम 60) सीटें देने पर विचार कर रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने 175 से 200 सीटों की एक सूची सौंपते हुए सम्मानजनक बंटवारे की मांग रखी है।

चार श्रेणियों में बंटी है कांग्रेस की सूची

कांग्रेस की ओर से तैयार इस सूची को चार श्रेणियों में बांटा गया है। A श्रेणी की सीटों पर पार्टी का रुख सबसे कड़ा है, यानी वह इन पर अपना दावा छोड़ने के पक्ष में नहीं है। B श्रेणी की सीटों पर कांग्रेस कुछ बदलावों पर विचार कर सकती है। वहीं C और D श्रेणी की सीटों पर पार्टी समझौता और फेरबदल करने के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा तैयार दिखती है।

‘प्राथमिकता की सूची, मांग नहीं’

रिपोर्ट्स के अनुसार, 200 सीटों की इस सूची को लेकर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसे पार्टी की चुनावी प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाए, न कि इतनी ही सीटों की मांग के तौर पर। पार्टी ने अपने लिए सीटों की कोई न्यूनतम संख्या भी तय नहीं की है।

सपा के साथ सीट बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में तीन आंतरिक बैठकें की हैं। इन बैठकों में यूपी अध्यक्ष आराधना मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद और राज्य प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी शामिल रहे।

पिछले दो चुनावों का प्रदर्शन निराशाजनक

हालांकि, कांग्रेस किस आधार पर इतनी ज्यादा सीटों की मांग कर रही है, यह समझ से परे माना जा रहा है, क्योंकि बीते दो विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। वर्ष 2017 में कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन में 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली। इसके बाद 2022 में पार्टी ने सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और महज दो सीटों पर सिमट गई।

Dr. Bhanu Pratap Singh