उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र से बिजली चेकिंग के दौरान उपजे विवाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां चेकिंग करने पहुंचे बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) को ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाए जाने और उनके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का गंभीर वाकया पेश आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तो इलाके में हड़कंप मच गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग जेई के साथ किस तरह मारपीट कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए छह लोगों को नामजद करते हुए 20 से 30 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है और एक आरोपी की गिरफ्तारी की भी पुष्टि की है।
यह पूरी घटना चांदपुर क्षेत्र के बागड़पुर गांव की है, जहां 18 सितंबर को जेई सुदीप कुमार शर्मा (संदीप कुमार) अपनी विभागीय टीम के साथ इलाके में बिजली कनेक्शनों की जांच-पड़ताल करने गए थे। विभागीय टीम के अनुसार, जांच के दौरान एक उपभोक्ता के मीटर की इनकमिंग केबल में कट पाया गया।
आरोप है कि इसी अवैध कट के जरिए बिजली चोरी कर हीटर चलाया जा रहा था और आसपास की दुकानों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी। जब टीम ने इस अनियमितता की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी शुरू की, तो मौके पर मौजूद लोगों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और विवाद शुरू हो गया।
वीडियो बनाने पर मोबाइल छीनने और बंधक बनाने का आरोप
जेई की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, कहासुनी के बाद मौके पर और भी कई लोग इकट्ठा हो गए। आरोप है कि इसके बाद जेई को जबरन एक चारपाई पर बैठाकर उनके साथ करीब 15 मिनट तक मारपीट की गई और उन्हें लगभग एक घंटे तक घटनास्थल पर ही बंधक बनाकर रोके रखा गया।
विभागीय कर्मचारियों ने जब इस घटना को अपने मोबाइल में कैद करने की कोशिश की, तो दबंगों ने उनके मोबाइल छीनकर बनाए गए वीडियो को डिलीट करने का भी दबाव बनाया और वीडियो हटा दिया। हालांकि, गनीमत यह रही कि वहीं मौजूद किसी अन्य ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो चुपचाप बना लिया, जो चार दिनों के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद जेई को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। जेई की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजीव, उसके बेटे, ग्राम प्रधान पति नवनीत कुमार, सुधांशु, अंकित और मोहित समेत छह लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की है और बाकी की तलाश जारी है।
ग्रामीणों और किसान संगठनों ने उठाए गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के दूसरे पहलू के रूप में, ग्रामीणों और स्थानीय किसान संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि चेकिंग के दौरान बिजली विभाग के जेई का व्यवहार बिल्कुल भी ठीक नहीं था और ग्रामीणों के साथ अभद्रता की गई थी, इसलिए पुलिस को इस पक्ष की भी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों से मिल रही शिकायतों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाकर मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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