लखनऊ/आगरा: उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के कामकाज को और अधिक गति और निरंतरता देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग की मौजूदा कमान को बरकरार रखते हुए अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती अपर्णा यादव और उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही राज्य महिला आयोग के कुल 25 नामित सदस्यों का कार्यकाल भी आगामी एक वर्ष के लिए विस्तारित कर दिया गया है।
महिला कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके तहत इन सभी पदाधिकारियों के कार्यकाल को उनकी वर्तमान अवधि समाप्त होने की तिथि से अगले एक साल तक के लिए बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। सरकार के इस कदम से आयोग में अध्यक्ष, दोनों उपाध्यक्षों और सभी नामित सदस्यों की मौजूदा टीम अगले एक साल तक और पूरी सक्रियता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती रहेगी।
अहम फैसलों और सक्रियता के चलते चर्चा में रहा आयोग
डॉ. बबिता सिंह चौहान के नेतृत्व में पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य महिला आयोग ने महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की त्वरित सुनवाई करने के साथ-साथ संबंधित विभागों और अधिकारियों को मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। इस दौरान जिम, बुटीक और अन्य सार्वजनिक कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और नियुक्ति से जुड़े आयोग के कुछ प्रमुख फैसले न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश भर में मीडिया की सुर्खियां और गहरी चर्चा का विषय बने थे।
राज्य महिला आयोग का मुख्य और संवैधानिक दायित्व प्रदेशभर की महिलाओं से संबंधित घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अन्य शिकायतों की सुनवाई करना तथा उनके अधिकारों की पूरी रक्षा करना है। यह आयोग विभिन्न संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत महिलाओं के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपायों की समय-समय पर बारीकी से जांच-पड़ताल करता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार को महत्वपूर्ण सिफारिशें भी सौंपता है।
कार्यकाल में मिले इस एक साल के विस्तार के बाद अब अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव व चारू चौधरी तथा आयोग के तमाम नामित सदस्यों की यह मौजूदा व्यवस्था अपने पुराने एजेंडे को और अधिक मजबूती के साथ आगे भी जारी रखेगी।
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