उत्तर प्रदेश के कानपुर, कन्नौज से लेकर मैनपुरी जिले तक के आलू किसानों की मुश्किलें कथित तौर पर सही दाम न मिलने के कारण लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। स्थिति यह है कि लाखों मीट्रिक टन आलू इस समय कोल्ड स्टोरेज के अंदर पड़े हुए हैं। लेकिन बाजार में कीमतों में लगातार आ रही भारी गिरावट के चलते किसान बड़े पैमाने पर की गई आलू की खेती की लागत भी वसूल नहीं पा रहे हैं। इस पूरे हालात को लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा है।
वायरल वीडियो ने खोली जमीनी हकीकत की पोल
इस पूरे मामले की शुरुआत कन्नौज से समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो से हुई। इस वीडियो में एक युवक की आवाज साफ सुनाई दे रही है, जो मौजूदा हालातों का दर्द बयां कर रहा है। वीडियो में उस युवक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं और इस वक्त हाइब्रिड आलू की हालत बिल्कुल मिट्टी पलीत देखने को मिल रही है।
युवक वीडियो में बताता है कि किसान भाइयों, कानपुर की चकरपुर मंडी में आज के दिन हाइब्रिड आलू महज एक रुपये किलो के भाव पर बिका है। एक रुपये किलो बिकने के बाद भी यहाँ किसान भाइयों आलू की छंटाई की जा रही है, और छंटाई का काम पूरा होने के बाद ही यह आलू बिक पा रहा है। एक रुपये किलो बिकने के बाद भी छंटाई के लिए अलग से लेबर का खर्च लगेगा, और इसके बाद ही व्यापारी इसे खरीदेंगे।
किसानों को दी गई चेतावनी और परिवहन खर्च का संकट
वीडियो के माध्यम से आगे आलू किसानों को एक बड़ी चेतावनी भी दी जाती है कि आलू की कीमत इस समय बिल्कुल मिट्टी पलीत हो चुकी है। ऐसे में किसान भाई गलती से भी कोल्ड स्टोरेज से अपना हाइब्रिड आलू बाहर न निकालें। जब तक बाजार में उचित दाम मिलने न लगें, तब तक आलू को कोल्ड स्टोरेज में ही रहने दें।
वायरल वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि आलू को बेचने के बाद जो पैसा मिल रहा है, उससे आरटीओ का किराया तक नहीं निकल पा रहा है। फसल को कोल्ड स्टोरेज तक पहुँचाने और वहाँ से बाजार ले जाने के खर्च की तो बात ही बहुत दूर है, क्योंकि मौजूदा रिटर्न से ढुलाई का खर्च भी पूरा नहीं हो रहा है।
अखिलेश यादव का सरकार पर तीखा तंज
किसानों की इस बदहाली और वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “क्या किसान को ‘1 रुपये किलो’ आलू की क़ीमत देने से बनेगी ‘1 ट्रिलियन’ डॉलर की इकोनॉमी। ये है ‘डील की ढील’ का परिणाम हैरान-परेशान है देश का किसान वाह रे मुख्यमंत्री जी!”
आलू किसानों की इस बदहाली को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे प्रदेश का राजनीतिक पारा भी गर्माता नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, तो उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा।
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