आगरा: ताजनगरी आगरा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और आगरा पश्चिम (सुरक्षित) विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे वीरेंद्र सोन का रविवार दोपहर निधन हो गया। 85 वर्षीय वीरेंद्र सोन ने अपने पैतृक आवास ‘नगला छउआ’ में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही जिले के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
आजीवन कांग्रेसी विचारधारा के प्रति रहे समर्पित
वीरेंद्र सोन की पहचान एक सिद्धांतवादी और निष्ठावान राजनेता के रूप में थी। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस से की और जीवन के अंतिम समय तक इसी विचारधारा से जुड़े रहे। 1984 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताते हुए आगरा पश्चिम (सुरक्षित) सीट से मैदान में उतारा था, जहाँ उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा की दहलीज लांघी।
साफ-सुथरी छवि और जनसेवा के लिए याद किए जाएंगे
अपने विधायक कार्यकाल के दौरान वीरेंद्र सोन ने क्षेत्रीय विकास और दलित समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी छवि एक मृदुभाषी, सरल और सुलभ नेता की थी, जिसके कारण वह न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं के बीच भी सम्मानित थे।
अंतिम समय की यादें
पूर्व पार्षद सुनील जैन ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि वह रविवार दोपहर करीब पौने तीन बजे उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे थे। उस समय उनके पौत्र ने बताया कि वह आराम कर रहे हैं, जिसके बाद सुनील जैन वापस लौट आए। लेकिन महज आधे घंटे बाद ही उनके शांत होने की खबर मिली, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया।
आगरा के कई वरिष्ठ नेताओं, समाजसेवियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उनका जाना आगरा कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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