Agra (Uttar Pradesh, India) । आगरा में लॉकडाउन के दौरान बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करना भारी पड़ गया। पुलिस ने कांग्रिसयों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिलाध्यक्ष मनोद दीक्षित समेत तमाम कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित व एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बिलाल अहमद सहित 8 लोगों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। धारा 147, 188, 149, 269, 270, 353, 354, 323, 504, 506, 332 के तहत बलवा करना, सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्रता जैसे आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेसियों ने हरीपर्वत थाना क्षेत्र के भगत हलवाई के नजदीक स्थित टोरेंट हेड ऑफिस पर प्रदर्शन किया था।
टोरंट कार्यालय पर प्रदर्शन
मंगलवार को टोरेंट के हेड ऑफिस पर सभी कांग्रेसी पार्टी की जिला अध्यक्ष मनोज दीक्षित के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। धरना प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने टोरेंट कंपनी के कार्यालय को छावनी बना दिया। पहले कांग्रेसी और पुलिस के बीच में तीखी झड़प हुई और फिर जमकर लाठीचार्ज हुआ। इस दौरान कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित भी पुलिस कार्यवाई का शिकार बनी।
कई कांग्रेसी हिरासत में
पुलिस अधीक्षक नगर रोहन पी बोत्रे के नेतृत्व में कई थाना पुलिस ने कांग्रेसियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। कई कांग्रेसियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि आगरा में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते धारा 144 लागू है। धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
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