लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत के साथ ही सदन में राजनीतिक माहौल गर्म रहा। विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने पहले से तय रणनीति के तहत हंगामा किया और “गो बैक” के नारे लगाए।
राज्यपाल के भाषण के दौरान भी विपक्ष का शोरगुल जारी रहा। अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाई गई है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
राज्यपाल ने बताया कि नवंबर 2019 से अब तक 129 अपराधियों को विभिन्न मामलों में आजीवन कारावास या अन्य अवधि के कारावास और अर्थदंड की सजा दिलाई गई है, जबकि दो अपराधियों को मृत्युदंड मिला है। वर्ष 2017 से अब तक 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इसके अलावा 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया। माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों और विकास यात्रा का पूरा ब्यौरा सदन और जनता के सामने रखेगी। उनके अनुसार, यह दस्तावेज बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदस्यों के लिए अहम आधार बनेगा।
इस बीच विपक्ष के विधायक एसआईआर और फार्म-7 के मुद्दे को लेकर तख्ती के साथ विधानसभा पहुंचे और नारेबाजी करते नजर आए। बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।
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