लखनऊ। VC विनय पाठक को पकड़ने में नाकाम STF के बाद राज्य सरकार अब सीबीआई से जॉच करवाने की केंद्र से सिफारिश की है।
छत्रपति शाहूजी महाराज विवि, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक पर रंगदारी, कमीशन और अवैध वसूली के मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने इस संबंध में केंद्र को पत्र भेजा है।
गौरतलब है कि दो महीने से FIR होने के बाद भी विनय पाठक एसटीएफ के सामने नही आ पाए ना ही एसटीएफ उनको ट्रैक कर पाई है।
प्रो. पाठक व उनके करीबी एक्सएलआईसीटी कंपनी के एमडी अजय मिश्रा के खिलाफ इंदिरानगर थाने में 29 अक्तूबर को केस दर्ज हुआ था। इसकी जांच एसटीएफ कर रही और अब तक अजय मिश्रा समेत तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि, आगरा में परीक्षा कराने वाली कंपनी डिजीटेक्स टेक्नालॉजिज इंडिया प्रा. लि. के एमडी डेविड मारियो डेनिस ने अजय मिश्रा के जरिए प्रो. पाठक पर कमीशन लेने समेत अन्य आरोप लगाए हैं। केस दर्ज होते ही एसटीएफ ने अजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अजमेर के कारोबारी अजय जैन और सीतापुर निवासी संतोष की गिरफ्तारी हुई। तीनों पर प्रो. पाठक के काले धन को सफेद करने का आरोप है।
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