आगरा: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर आगरा प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शनिवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित ब्रीफिंग में जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को दो-टूक निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
154 केंद्रों पर ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा और निगरानी
इस वर्ष आगरा जनपद में कुल 1,21,922 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 60,371 और इंटरमीडिएट के 61,551 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए जनपद को 06 जोन और 15 सेक्टरों में बांटा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केंद्रों पर सीसीटीवी, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
नकल माफियाओं पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
डीएम ने सख्त लहजे में कहा, “यदि किसी केंद्र पर लापरवाही मिली तो केंद्र व्यवस्थापक व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे। नकल माफिया, फर्जी अभ्यर्थी या पेपर लीक की कोशिश करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने छात्राओं की तलाशी के लिए केवल महिला पुलिसकर्मियों और शिक्षिकाओं को ही तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
12 मार्च तक चलेगा परीक्षा का महाकुंभ
अपर जिलाधिकारी नगर ने बताया कि परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेगी। सुरक्षा के लिए 172 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 18 अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने बताया कि कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 9997156949 है।
विशेष निर्देश: परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल, कैलकुलेटर, पेजर या किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
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