आगरा। वैलेंटाइन डे के मौके पर प्रेम और सह-अस्तित्व का संदेश देते हुए कैस्पर्स होम के बैनर तले पशु प्रेमियों ने कमला नगर के कन्हैया पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रायपुर में सामुदायिक कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर हुई मारपीट और शिव प्रसाद ध्रुव की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इसी मुद्दे पर देश के कई शहरों में भी विरोध दर्ज कराया गया।
“धर्म और संविधान दोनों देते हैं जीवों की रक्षा का संदेश”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारतीय परंपरा और कानून दोनों ही जीव-जंतुओं की रक्षा और देखभाल की बात करते हैं। कैस्पर्स होम की चेयरपर्सन विनीता अरोरा ने कहा कि पशुओं की सेवा करने वालों के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा चिंताजनक है। उनका आरोप था कि अदालत के निर्देशों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, खासकर गेटेड सोसाइटी और हाईराइज अपार्टमेंट्स में, जहां नियमों की अनदेखी की जा रही है।
गेटेड सोसाइटी में फीडर्स को झेलनी पड़ रही दिक्कतें
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बंद कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों में कुत्तों को भोजन कराने वाले लोगों को अक्सर धमकाया और अपमानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई लोग इसे अपराध समझ लेते हैं, जबकि भारतीय समाज में जानवरों को रोटी खिलाने की परंपरा रही है।
“भूख से बढ़ती है आक्रामकता”
डॉ. संजीव नेहरू ने कहा कि भूखा जानवर ज्यादा आक्रामक हो सकता है, जबकि पेट भरा होने पर उसका व्यवहार सामान्य रहता है। उनका कहना था कि अनावश्यक रूप से जानवरों को परेशान करना भी आक्रामकता की वजह बनता है। उन्होंने पुलिस से पशु प्रेमियों के साथ सहयोगपूर्ण रवैया अपनाने की अपील की।
अलग-अलग शहरों की घटनाओं पर चिंता
प्रदर्शन के दौरान रायपुर के अलावा ग्वालियर, नोएडा और दिल्ली समेत कई जगहों पर पशु सेवकों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं का जिक्र किया गया। वक्ताओं ने इसे कानून और मानवता दोनों के खिलाफ बताया।
ये मांगें रखीं सामने
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अमानवीय और अवैध निर्देशों को निरस्त किया जाए, फीडर्स के खिलाफ हिंसा के मामलों पर सख्त कार्रवाई हो, एबीसी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और शिकायतों पर एफआईआर दर्ज न करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाली आरडब्ल्यूए के खिलाफ कदम उठाने की बात कही गई।
बड़ी संख्या में जुटे पशु प्रेमी
कार्यक्रम में अनिल कुमार बैगा, विनीत अरोड़ा, डॉ. संजीव नेहरू, डिंपी महेंद्रु, निशा, निमित्त, शांतनु बंसल, गरिमा शर्मा, गार्गी सिंह, अनिरुद्ध तोमर, ऋषभ सक्सेना, रिचा, हर्षिता, प्रियंका कोटवानी, प्राची जैन और सुरेखा पसरेजा सहित कई लोग मौजूद रहे।
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