लखनऊ। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए व्यापक विदेशी मुद्रा (एफएक्स) सेवाओं और एक्सचेंज अर्नर्स फॉरेन करंसी (ईईएफसी) खातों की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य सीमा पार लेनदेन से जुड़े व्यक्तियों और व्यवसायों को आधुनिक, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर सुलभ बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराना है।
बैंक द्वारा शुरू की गई नई विदेशी मुद्रा सेवाओं के तहत ग्राहकों को अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग समाधानों की विस्तृत श्रृंखला मिलेगी। इनमें विदेश से धन प्राप्त करने के लिए इनवर्ड रेमिटेंस, विदेश धन भेजने के लिए आउटवर्ड रेमिटेंस तथा बहु-मुद्रा खाते रखने के लिए विदेशी मुद्रा जमा की सुविधा शामिल है। बैंक का दावा है कि ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी विनिमय दरें, तेज प्रसंस्करण समय और प्रशिक्षित विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों से समर्पित सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन अधिक कुशल और पारदर्शी बन सकें।
इन सेवाओं के साथ शुरू किया गया ईईएफसी खाता विशेष रूप से निर्यातकों और विदेशी मुद्रा में आय अर्जित करने वाले पेशेवरों के लिए उपयोगी है। इसके माध्यम से ग्राहक अपनी विदेशी मुद्रा आय को तुरंत भारतीय रुपये में बदले बिना सुरक्षित रूप से रख और प्रबंधित कर सकते हैं। यह सुविधा न केवल मुद्रा के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देती है, बल्कि भविष्य की व्यावसायिक या यात्रा संबंधी आवश्यकताओं के लिए विदेशी मुद्रा में तरलता बनाए रखने में भी सहायक है।
ईईएफसी खाते स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय मुद्राओं में संचालित किए जा सकते हैं और फेमा दिशानिर्देशों के अनुरूप अनुमत व्यावसायिक भुगतान, यात्रा तथा व्यापार-संबंधी खर्चों के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर बैंक के रिटेल लायबिलिटीज (टीएएससी और टीपीपी) प्रमुख श्री हितेंद्र झा ने कहा कि विदेशी मुद्रा सेवाओं और ईईएफसी खाते की शुरुआत के साथ बैंक का लक्ष्य ग्राहकों को एंड-टू-एंड अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग क्षमताओं से सशक्त बनाना है। यह पहल एक भरोसेमंद डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक लेनदेन को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के बैंक के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि यह सेवाएं निर्यातकों, फ्रीलांसर्स, अनिवासी भारतीयों (एनआरआई), सूक्ष्म व लघु उद्योगों और यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
बैंक के अनुसार, नई सेवाओं के तहत प्रतिस्पर्धी दरों पर परेशानी मुक्त इनवर्ड और आउटवर्ड रेमिटेंस की सुविधा उपलब्ध होगी, जिन्हें तेज और पारदर्शी लेनदेन के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं से जोड़ा गया है। ग्राहकों को व्यक्तिगत सहायता के लिए समर्पित फॉरेक्स रिलेशनशिप मैनेजर्स, जमा राशि के लिए लचीले विकल्प तथा डिजिटल और शाखा बैंकिंग चैनलों के साथ सहज एकीकरण का लाभ भी मिलेगा। बैंक का मानना है कि यह कदम भारत के बढ़ते सीमा पार व्यापार और रेमिटेंस इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगा।
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